आधी रात गंगा में समाया विक्रमशिला सेतु का पिलर! बाल-बाल बची जानें, यातायात पूरी तरह ठप
गनीमत रही कि प्रशासन ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए पुल पर आवाजाही रोक दी थी, जिससे एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। भागलपुर को नवगछिया, पूर्णिया और सीमांचल के अन्य इलाकों से जोड़ने वाला यह सेतु क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है।
साल 2001 में उद्घाटन के बाद से यह पुल पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम कड़ी रहा है। पिलर गिरने के बाद पूरे पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुल की मरम्मत की तैयारी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य सरकार की टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं। वैकल्पिक मार्गों से यातायात सुचारू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि आखिर इतने अहम पुल का पिलर अचानक क्यों ध्वस्त हुआ।







