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बिहार में आज बदलेगा मौसम का मिजाज, 40 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा; कई जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट

 
बिहार में आज बदलेगा मौसम का मिजाज, 40 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा; कई जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट

Bihar Weather Update: बिहार में मंगलवार यानी 15 सितंबर को मौसम अचानक करवट ले सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।

दो मौसमी सिस्टम का दिखेगा असर

मौसम में बदलाव के पीछे एक साथ कई मौसमी परिस्थितियां सक्रिय हैं। बिहार के आसपास मानसून ट्रफ बनी हुई है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण भी सक्रिय हुआ है।

इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने, बारिश होने और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ अचानक मौसम खराब होने की भी आशंका है।

उत्तर-मध्य बिहार के इन जिलों में बारिश-वज्रपात

उत्तर-मध्य बिहार में सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर और समस्तीपुर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है।

उत्तर-पूर्व बिहार में भी गरज के साथ बौछार

सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। यहां कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।

पटना समेत दक्षिण बिहार में भी बदलेगा मौसम

दक्षिण-मध्य बिहार में पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

वहीं दक्षिण-पूर्व बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में भी कुछ जगहों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है।

बारिश और आंधी के दौरान क्या करें?

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और वज्रपात की स्थिति में खुले मैदान या अन्य खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें। सुरक्षित रहने के लिए पक्के मकान के अंदर रहें।

पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें। जलजमाव वाले इलाकों से भी दूरी बनाए रखें। किसानों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में जाने से बचें और मौसम सामान्य होने के बाद ही जरूरी कृषि कार्य करें।