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दुकान बंद कर घर लौट रहा था युवक, रास्ते में हमला और ताबड़तोड़ फायरिंग; 2 हफ्ते बाद भी गिरफ्तारी नहीं! अब IG-DGP के दरवाजे पहुंचा पीड़ित

Gayaji: गया के चंदौती थाना क्षेत्र में युवक पर जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में करीब दो सप्ताह बाद भी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप है. पीड़ित अनुज कुमार ने IG विकास वैभव और DGP विनय कुमार से मुलाकात कर जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है.
 
GAYA

Gayaji: चंदौती थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव के पास दुकान बंद कर घर लौट रहे एक युवक पर जानलेवा हमला और हत्या की नीयत से फायरिंग किए जाने की घटना को करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं। इसके बावजूद प्राथमिकी में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार की चिंता बढ़ गई है।

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पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित अनुज कुमार ने अब मामले को लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है। अनुज ने आईजी विकास वैभव और डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी और नामजद आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के साथ परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

दुकान बंद कर घर लौट रहा था युवक

पीड़ित के अनुसार, 23 अगस्त की रात वह बालाजी नगर स्थित अपनी लाइट की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। निजामपुर गांव के पास कथित तौर पर कुछ लोग पहले से घात लगाए बैठे थे।

अनुज का आरोप है कि आरोपितों ने उसे रास्ते में रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वह वहां से निकलकर भागने लगा तो पीछे से आरोपितों ने उस पर करीब तीन-चार राउंड फायरिंग कर दी।

घटना के बाद मौके पर पहुंची 112 की टीम ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए थे।

पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी

घटना को लेकर मनीष गुप्ता, पवन गुप्ता, कन्हैया कुमार, ऋषि पटेल और सन्नी पटेल समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद करीब दो सप्ताह गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसके चलते वह और उसका परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

पीड़ित ने लगाया कार्रवाई में देरी का आरोप

अनुज कुमार ने वरीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत में आरोप लगाया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि डीएसपी स्तर से मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं। इससे उसे अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना हुआ है।

अनुज के मुताबिक, इससे पहले भी विवाद को लेकर उसके परिवार को कथित तौर पर धमकी दी गई थी। इसके बाद उस पर हमला और फायरिंग की घटना हुई। ऐसे में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से उसे दोबारा किसी बड़ी वारदात की आशंका है।

IG और DGP से की हस्तक्षेप की मांग

पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित ने अब आईजी विकास वैभव और डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

उसने वरीय अधिकारियों से नामजद आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पीड़ित का कहना है कि घटनास्थल से कथित तौर पर खोखे बरामद हुए हैं और प्राथमिकी में आरोपितों के नाम भी दर्ज हैं। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से उसकी चिंता बढ़ रही है। उसने अधिकारियों से मामले की निगरानी कर त्वरित कार्रवाई कराने की अपील की है।

पुलिस का क्या कहना है?

चंदौती थानाध्यक्ष अनिल चौधरी ने पूर्व में बताया था कि घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले का सुपरविजन किया जाना है। सुपरविजन के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में शामिल आरोपितों की भूमिका क्या रही और उनके खिलाफ आगे किस तरह की कार्रवाई की जाती है।