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RSS प्रमुख की सुरक्षा बैठक में हंगामे से मचा बवाल! पटना एयरपोर्ट पर IAS अधिकारी की एंट्री से बीच में रुकी हाई-लेवल मीटिंग

 
RSS प्रमुख की सुरक्षा बैठक में हंगामे से मचा बवाल! पटना एयरपोर्ट पर IAS अधिकारी की एंट्री से बीच में रुकी हाई-लेवल मीटिंग
Bihar news: पटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित दौरे को लेकर आयोजित एक अहम सुरक्षा बैठक के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पटना एयरपोर्ट परिसर स्थित स्टेट हैंगर में चल रही हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक के बीच बिहार कैडर के एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के पहुंचने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। घटना को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

Z+ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही थी अहम बैठक

सूत्रों के मुताबिक, RSS प्रमुख मोहन भागवत के बिहार दौरे से पहले सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी। Z+ सुरक्षा प्रोटोकॉल और एडवांस्ड सिक्योरिटी लाइजन (ASL) प्रक्रिया के तहत आयोजित इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इनमें एसपी एडमिन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, ट्रैफिक डीएसपी, डिस्ट्रिक्ट प्रोटोकॉल अधिकारी तथा CISF के अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।

IAS अधिकारी के हस्तक्षेप से बदला माहौल

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक एवं IAS अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे वहां पहुंचे और स्टेट हैंगर में बैठक आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से तत्काल स्थान खाली करने को कहा, जिसके बाद बैठक को बीच में रोककर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना पड़ा।

पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं अधिकारी

IAS अधिकारी नीलेश रामचंद्र देवड़े इससे पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रह चुके हैं। हाल के वर्षों में उनसे जुड़े कुछ मामलों ने सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में बहस को जन्म दिया था। अब सुरक्षा बैठक के दौरान हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।

प्रशासनिक समन्वय पर उठे सवाल

घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और विभागों के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्षों से वीआईपी और अति विशिष्ट व्यक्तियों के दौरे से जुड़ी बैठकों के लिए स्टेट हैंगर का उपयोग किया जाता रहा है। ऐसे में सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान उत्पन्न इस स्थिति को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें

मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या किसी स्तर पर इसकी समीक्षा या जांच की जाती है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।