Movie prime

जमीन खरीदने की सोच रहे हैं? सावधान! सरकार MVR में बड़ा संशोधन करने जा रही, जनवरी से रजिस्ट्री का खर्च सीधे कई गुना बढ़ेगा

 
जमीन खरीदने की सोच रहे हैं? सावधान! सरकार MVR में बड़ा संशोधन करने जा रही, जनवरी से रजिस्ट्री का खर्च सीधे कई गुना बढ़ेगा

Bihar News: अगर आप अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं, जमीन खरीदने की सोच रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी डील को अंतिम रूप देने के करीब हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। नए साल का कैलेंडर बदलते ही जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा खर्च आपकी जेब पर ऐसा बोझ डाल सकता है, जिसकी शायद आपने कल्पना भी नहीं की होगी। समय बहुत कम बचा है, और अगर आप लाखों रुपये बचाना चाहते हैं तो अब फैसला टालने की गुंजाइश नहीं है।

नए साल से पहले बदल जाएगा खेल, रजिस्ट्री महंगी होने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक बिहार में जमीन की रजिस्ट्री का खर्च मामूली नहीं, बल्कि ढाई से तीन गुना तक बढ़ सकता है। यह बढ़ोतरी इतनी बड़ी होगी कि प्रॉपर्टी की कुल लागत पर सीधा असर पड़ेगा।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने बिना किसी शोर-शराबे के इस संबंध में सभी जिला अवर निबंधकों को आवश्यक निर्देश भेज दिए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

मूल कारण—सर्किल रेट यानी एमवीआर का बड़ा रिवीजन

राज्य सरकार अब मार्केट वैल्यू रेट (MVR) को नए पैमानों पर अपडेट करने जा रही है। यह वही दर है, जिसके आधार पर आपकी जमीन की सरकारी कीमत तय होती है।
    •    जिला मूल्यांकन समितियों को जल्द कार्रवाई का आदेश
    •    कई जगहों पर गुप्त बैठकों की शुरुआत
    •    नए रेट तय करने की प्रक्रिया तेज

सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार एमवीआर को वास्तविक बाजार भाव के करीब लाया जाएगा, यानी जमीन भले ही आपने कम रेट पर खरीद ली हो, लेकिन रजिस्ट्री नए “महंगे” रेट पर ही होगी।

विकास की कीमत भी अब आपकी जेब से

नई सड़कों का निर्माण, नये बाजारों का विकास, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं इन सबका सीधा असर जमीन की नई सरकारी कीमत पर पड़ने वाला है।
पंचायत और अंचल स्तर पर बनी कमेटियों से रिपोर्ट मांगी गई है, जिनकी जांच खुद सीओ करेंगे।

अगर आपकी पसंदीदा जमीन के आसपास पिछले कुछ सालों में विकास तेज़ी से हुआ है, तो तैयार रहें उसकी सरकारी कीमत अब पहले से कई गुना ज्यादा हो सकती है।

क्यों हो रही इतनी बड़ी बढ़ोतरी?

क्योंकि अभी तक जमीन की रजिस्ट्री पुरानी दरों पर चल रही है:
    •    शहरी क्षेत्रों में 2016 की दरें लागू
    •    ग्रामीण क्षेत्रों में 2013 की दरें

स्वाभाविक है, वास्तविक बाजार भाव इन सालों में कई गुना ऊपर जा चुका है। यही अंतर अब रजिस्ट्री शुल्क में बड़ा उछाल लाने वाला है।

क्या करें? समय कम है और फैसला जरूरी

अगर आप जमीन या मकान खरीदने की प्रक्रिया में हैं, तो नए साल का इंतज़ार आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
नया एमवीआर लागू होते ही स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क दोनों सीधे बढ़ जाएंगे।

* समझदारी इसी में है कि बाकी की प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी कर लें।
* देरी का हर दिन आपको अतिरिक्त हजारों–लाखों रुपये के खर्च में बदल सकता है।