ये है दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग...जिस शिवलिंग का निर्माण पिछले 10 सालों से चल रहा था, वो आखिरकार बनकर तैयार चुका है...
Bihar Desk: बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. जिस शिवलिंग का निर्माण पिछले दस वर्षों से तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में चल रहा था, वो आखिरकार बनकर तैयार हो गया. बिहार के लिए सड़क मार्ग से रवाना कर दिया गया. ये शिवलिंग 33 फीट ऊंचा, 33 फीट चौड़ा और 210 मीट्रिक टन वजनी है. इसके निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपए की लागत आई है. इस विशालकाय शिवलिंग को 96 चक्कों वाले विशेष ट्रक पर रखकर बिहार लाया जा रहा है. निर्माण कंपनी के विनायक वेंकटरमण ने बताया कि फरवरी 2026 तक इसे विराट रामायण मंदिर में स्थापित करने का लक्ष्य है, जो मंदिर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

विराट रामायण मंदिर में स्थापित होगा सबसे बड़ा शिवलिंग
दावा किया जा रहा है कि ये ग्रेनाइट पत्थर का शिवलिंग देश में किसी भी मंदिर में स्थापित होने वाला सबसे बड़ा शिवलिंग है. इसके निर्माण का काम तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दस वर्षों में पूरा हुआ. शिवलिंग को सड़क मार्ग से पूर्वी चंपारण (चकिया) स्थित मंदिर परिसर तक पहुंचने में लगभग 20-25 दिन लगने की उम्मीद है. शिवलिंग को रवाना करने से पहले पट्टीकाडु गांव में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया. ये शिवलिंग विराट रामायण मंदिर के मुख्य आकर्षणों में से एक होगा. विशाल शिवलिंग को एक विशेष 96 चक्के वाले ट्रक पर लादकर महाबलीपुरम से बिहार के लिए रवाना किया गया. ये ट्रक कई राज्यों से होकर गुजरेगा. इस दौरान, श्रद्धालु कई शहरों में शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। शिवलिंग का यात्रा मार्ग भी पहले से तया किया गया है. होसुर, होसाकोट, देवनाहाली, कुरनूल, हैदराबाद, निजामाबाद, अदिलाबाद, नागपुर, सीवनी, जबलपुर, मैहर, सतना, रीवा, मिर्जापुर, आरा, छपरा, मसरख, मोहम्मदपुर, केसरिया होते हुए ये अंत में चकिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर पहुंचेगा.
विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है और इसे निर्धारित समय सीमा के तहत पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. मंदिर के प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी, शिवलिंग और गर्भ गृह का पाइलिंग (नींव) जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं. ये मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. इसकी भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे. मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 180 फीट, 135 फीट, 108 फीट और 90 फीट रखी जाएगी.







