इतिहास के पन्नों में आज का दिन बिहार के लिए हमेशा खास रहेगा...विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना हो गई, हर-हर महादेव से गूंज उठा पूरा बिहार
East Champaran: आज का दिन बिहार के लिए खास है. यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना हो रही है. बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ राम जानकी पथ पर उमड़ी चुकी है. हर हर महादेव के जयकारे से पूरा परिसर गूंज रहा है.
Jan 17, 2026, 16:45 IST
East Champaran: सनातन धर्म के लिए 17 जनवरी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. बिहार के पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कैथवलिया जानकीपुर स्थित विराट रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित हो गया है.
स्थापना कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस मौके पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई और कई पवित्र नदियों के जल से भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया.
दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना: 210 मीट्रिक टन वजन वाले शिवलिंग को उठाने के लिए दो बड़े-बड़े क्रेन मंगवाए गए थे. पूजा-पाठ का कार्यक्रम शनिवार सुबह से चलता रहा. सीएम नीतीश कुमार इस स्थापना कार्यक्रम में पहुंचे. उनके साथ ही उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी पहुंचे. गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की गई.
देश के पवित्र नदियों का जल: देवों के देव महादेव का भव्य अभिषेक किया गया. शिवलिंग स्थापना और जलाभिषेक के लिए देश के कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगासागर, सोनपुर और रामेश्वरम सहित कई नदियों के जल लाए गए थे.
कंबोडिया और कोलकाता से मंगवाए गए थे फूल: पूजा के लिए कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगाए गए. अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, गुजरात, हरिद्वार और महाराष्ट्र से पंडित शामिल इस स्थापना समारोह में शामिल हुए, जिन्होंने मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की स्थापना करवायी.
8:30 बजे से पूजा शुरू: शनिवार को माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी जो शिवलिंग उत्पत्ति का दिवस माना जाता है. इसे नरक निवारण चतुर्दशी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से नकर से मुक्ति मिलती है. ऐसे में सुबह 8:30 बजे से पूजा शुरू हुई और दोपहर 1:00 बजे तक शिवलिंग की स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ.
शांभवी चौधरी और उनके पति ने किया विधि-विधान: मोतिहारी के कल्याणपुर प्रखंड के राजपुर पंचायत के कैथवलिया गांव में शिवलिंग की स्थापना से बिहारवासियों में उत्साह है. देश-विदेश से आए पंडितों और विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच सायन कुणाल, स्वर्गीय आचार्य कुणाल के बेटे और उनकी सांसद पत्नी शांभवी चौधरी यजमान की भूमिका में रहे. इस स्थापना के सारे विधि-विधान किए.
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग: तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित इस शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट, गोलाई 33 फीट है, जिसे निर्माण करने में करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आया है. यह दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है.
भोपाल और राजस्थान से मंगाए गए क्रेन: 210 मीट्रिक टन के शिवलिंग को तमिलनाडु से बिहार तक लाने के लिए 96 पहिये वाला ट्रक का इस्तेमाल किया गया, जो कई राज्य और विभिन्न शहर से होते हुए पूर्वी चंपारण तक पहुंचा है. शिवलिंग की स्थापना के लिए राजस्थान और भोपाल से 750 टन की क्षमता वाले दो क्रेन मंगाए गए थे. पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग TCS के द्वारा की जा रही है.
विराट रामायण मंदिर: विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा सनातन मंदिर होने वाला है. कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर के आधार पर इस मंदिर का निर्माण किया गया है. महावीर मंदिर न्यास समिति के अनुसार 140 एकड़ में मंदिर का निर्माण हो रहा है. मंदिर की खासियत है कि यह 3 मंजिल का होगा.
22 देवी-देवताएं स्थापित: 270 फीट ऊंचाई, 270 फीट चौड़ाई और 1080 फीट लंबाई के इस भव्य मंदिर में 22 देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. भगवान राम, मां सीता एवं लव-कुश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. सबसे मुख्य द्वार पर 33 फीट का शिवलिंग स्थापित किया गया है, जो भगवान राम के ठीक सामने हैं.
गर्भगृह के चारो ओर 12 शिखर: मंदिर में 12 शिखर होंगे, जिसमें सबसे लंबा शिखर 270 फीट का होगा, जो मध्य शिखर होगा. इसके अलावे 01 शिखर 198 फीट का होगा. एक शिखर 135 फीट, 4 शिखर 180 फीट का होगा और 5 शिखर 108 फीट का होगा. मंदिर के चारो ओर इस शिखर का निर्माण किया जाएगा.
500 करोड़ से मंदिर का निर्माण: 500 करोड़ रुपये से इस मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति के द्वारा किया जा रहा है. मंदिर के निर्माण के लिए 100 फीट जमीन की गहराई से करीब 3100 पिलर निकाला गया है, जिसपर मंदिर का बेस तैयार होगा.







