2021 से लंबित था शौचालय शुल्क! अब नगर आयुक्त ने कसा शिकंजा
धीरज सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya: नगर निगम की आय बढ़ाने और लंबित राजस्व की वसूली को लेकर नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को नगर आयुक्त के कार्यालय कक्ष में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में शौचालय शुल्क समेत निगम के विभिन्न विभागीय स्रोतों से होने वाली आय की समीक्षा की गई। इस दौरान करीब पांच वर्षों से शौचालय शुल्क की राशि निगम में जमा नहीं होने का मामला सामने आया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित कर्मी सिंधु मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

2021 में दी गई थी शुल्क वसूली की जिम्मेदारी
राजस्व समीक्षा के दौरान सामने आया कि वर्ष 2021 में सिंधु मिश्रा को दो डीलक्स शौचालयों से शौचालय शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद संबंधित शुल्क की राशि अब तक नगर निगम कार्यालय में जमा नहीं कराई गई।
करीब पांच वर्षों तक निगम की राशि लंबित रहने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और मामले में जवाब-तलब किया। साथ ही बकाया राशि की वसूली के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पांच साल तक लंबित रहा राजस्व, निगरानी पर सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद नगर निगम की राजस्व व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वर्ष 2021 में जब शुल्क वसूली की जिम्मेदारी तय कर दी गई थी, तो उसके बाद राशि की वसूली और निगम खाते में जमा होने की प्रक्रिया की नियमित निगरानी क्यों नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है।
पांच वर्षों तक निगम की राशि लंबित रहना राजस्व प्रबंधन और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।
नगर निगम की आय बढ़ाना प्राथमिकता
नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की आय बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। निगम के विभिन्न स्रोतों से होने वाली आय और लंबित राजस्व की वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा करने और जहां भी राशि बकाया है, वहां जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अब हर रुपये का लिया जाएगा हिसाब
पांच साल पुराने शौचालय शुल्क के मामले के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन का रुख साफ नजर आ रहा है। निगम के राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा तेज करने के साथ लंबित राशि की वसूली पर जोर दिया जा रहा है।
नगर प्रशासन का संदेश है कि निगम की आय से जुड़े मामलों में लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा जाएगा और बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।







