पुल पार करने का सफर पड़ेगा भारी, बिहार में 10 पुलों पर टोल टैक्स लागू करने की तैयारी
Patna: बिहार सरकार ने राज्य में 250 मीटर से लंबे 10 पुलों पर टोल टैक्स लगाने का बड़ा निर्णय लिया है. यह अहम फैसला राज्य में सड़कों और पुलों के रख-रखाव व उन्नयन के खर्च को पूरा करने के लिए लिया गया है. सरकारी प्राधिकरणों के अनुसार, पाँच सौ मीटर से अधिक लंबाई वाले कुछ पुलों पर पहले से ही टैक्स लागू है, लेकिन अब इसे 250 मीटर से ऊपर सभी पुलों पर लागू कर दिया जाएगा. यह बदलाव अगले महीने से लागू होने का अनुमान है.

सरकार स्टेट हाईवे के उन पुलों पर ही टोल टैक्स की वसूली करेगी, जो 250 मीटर से अधिक लंबे हैं। पथ निर्माण विभाग के अधीन ऐसे पुलों की संख्या 94 है. विभाग इन पुलों का सर्वे करा रहा है, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि इनमें किन-किन पुलों पर टोल टैक्स लिया जाएगा.
नियम के मुताबिक पुलों की लंबाई के आधार पर टोल टैक्स की राशि तय की जाएगी. सर्वे के दौरान पुल के साथ-साथ उसके एप्रोच रोड की लंबाई भी मापी जाएगी. सम्राट चौधरी कैबिनेट ने एक जुलाई की बैठक में राज्य की सड़कों और पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए 'बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली' को मंजूरी दी थी.
इसके तहत राष्ट्रीय उच्चपथ की तर्ज पर राज्य के स्वामित्व वाली सड़कों और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। छोटे वाहनों के लिए टोल की दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हर एक पुल का अध्ययन किया जा रहा है. इसमें यह देखा जा रहा है कि कितने वाहन इन पुलों पर से रोज गुजरते हैं। इनमें कितने शहर में हैं.
बिहार के किस जिले में कितने बड़े पुल
| जिला | पुलों की संख्या |
| पटना | 8 |
| गया | 13 |
| भागलपुर | 4 |
| मुजफ्फरपुर | 3 |
| पश्चिम चंपारण | 5 |
| पूर्वी चंपारण | 4 |
| दरभंगा | 7 |
| किशनगंज | 5 |
कम से कम इन पुलों पर चुकाना होगा टोल
- कच्चीदरगाह-बिदुपुर पुल
- बख्तियारपुर-ताजपुर पुल
- दरभंगा-करेह नदी पुल
- नवगछिया- कोसी नदी पुल
- फुलतौरा घाट-खगड़िया
- गया-फल्गु नदी पुल
- नालंदा-सकरी नदी पुल
- आरा-छपरा गंगा नदी पुल
- सहरसा में बलुआहा घाट पुल
- गोपालगंज और बेतिया पुल
नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से इन पुलों की दूरी कितनी है. इन सभी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा, किन-किन पुलों पर से टोल टैक्स लेना है. टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जाएगी. 250 मीटर से ज्यादा लंबाई वाले पुलों की संख्या गया और पटना जिले में ज्यादा हैं. पटना के आसपास ही दो बड़े पुल कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर पुल है.
राज्य सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाली एजेंसी को यह जिम्मेवारी मिलेगी। इसके लिए स्टेट हाईवे और बड़े पुलों की नीलामी होगी. अधिक दबाव वाली सड़क और पुलों का चयन टोल के लिए किया जाएगा.
- पुल के साथ उसके एप्रोच की लंबाई भी मापी जाएगी
- टोल वसूलने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को मिलेगी
- स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर लगना है टोल
- बालू के बाद बिहार में टोल टैक्स नया बिजनेस मॉड्यूल हो सकता है
बताया जा रहा है कि भविष्य में सड़कों का रख-रखाव और बेहतरीन ढंग से हो, नई-नई सड़कें विकसित हों, इसी मकसद से टोल टैक्स वसूलने की नीति बनाई गई है। जहां भी टोल टैक्स के लिए केंद्र बनेगा, वहां के आस-पास के लोगों को इससे राहत दी जाएगी।
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को रियायती पास जारी किए जाएंगे। नियमित दौर पर सफर करने वालों के वाहनों के लिए एकमुश्त राशि लेकर वार्षिक पास भी जारी किए जाएंगे। देश के सभी विकसित और बड़े राज्यों में उनकी अपनी टोल टैक्स की नीति लागू है। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश शामिल हैं







