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ट्रांसजेंडर अधिकारों को मिली नई आवाज, BSLSA और ‘कोलकाता रिश्ता’ ने मिलकर रचा जागरूकता का नया अध्याय

 
ट्रांसजेंडर अधिकारों को मिली नई आवाज, BSLSA और ‘कोलकाता रिश्ता’ ने मिलकर रचा जागरूकता का नया अध्याय
Newshaat Desk: ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) परिसर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कार्यरत संस्था ‘कोलकाता रिश्ता’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समुदाय के कल्याण, कानूनी अधिकारों और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बिहार सरकार की ‘सितारा’ (SITARA) योजना रही। इस योजना के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को सुरक्षित पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार के अवसर और मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर और सम्मान दिलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है और ‘सितारा’ योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, रजिस्ट्रार आशुतोष रवि, सहायक रजिस्ट्रार सिया श्रुति तथा अनुषा राज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में ‘कोलकाता रिश्ता’ की निदेशक संतोष गिरी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कानूनी जागरूकता और सामाजिक सहयोग दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने समुदाय के समक्ष मौजूद चुनौतियों और उन्हें दूर करने के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।

विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए। बिहार विकलांग अधिकार मंच, ट्रांसजेंडर फाउंडेशन, पवन संस्था और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक समावेशन और अधिकार आधारित दृष्टिकोण को मजबूत करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि 107 विधि (लॉ) छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। कानून के विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि नई पीढ़ी सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील हो रही है।

आयोजकों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।