फरक्का बराज पर उमेश कुशवाहा का बड़ा आरोप, बोले- बिहार में बाढ़-सुखाड़ की बड़ी वजह जल संधि; अधिकारियों को भी दिए निर्देश
Bihar news: बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ को लेकर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष और महनार विधायक उमेश कुशवाहा ने फरक्का जल संधि और फरक्का बराज की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। महनार प्रखंड में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार को एक तरफ बाढ़ तो दूसरी तरफ पानी की कमी जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और इसके पीछे फरक्का जल संधि की व्यवस्था भी एक बड़ी वजह है।
‘जब पानी चाहिए तब बांग्लादेश चला जाता है’
उमेश कुशवाहा ने कहा कि बिहार की समस्या सिर्फ अधिक बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी के प्रबंधन और उसकी निकासी से भी जुड़ी हुई है। उनका आरोप है कि जब बिहार को पानी की जरूरत होती है, तब पानी आगे निकल जाता है और जब राज्य में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगता है तथा अतिरिक्त पानी निकालने की जरूरत होती है, तब फरक्का बराज के गेट बंद होने से निकासी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की वजह से बिहार को बाढ़ और सुखाड़ दोनों तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
सितंबर-अक्टूबर में बढ़ती है गंगा की चिंता
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि खासकर सितंबर और अक्टूबर के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा गंभीर हो जाता है। उनका कहना था कि इस दौरान अगर पानी की निकासी सुचारु तरीके से नहीं हो पाए तो इसका सीधा असर नदी किनारे बसे इलाकों और वहां रहने वाले लोगों पर पड़ता है।
उमेश कुशवाहा ने फरक्का जल संधि के प्रावधानों की समीक्षा की जरूरत बताते हुए बिहार के हित में स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
सहयोग शिविर में लोगों ने रखीं स्थानीय समस्याएं
महनार में आयोजित शिविर में उमेश कुशवाहा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं भी सुनीं। लोगों ने सड़क, बिजली और पेयजल समेत कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें उनके सामने रखीं।
समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को इनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनके निपटारे में अनावश्यक देरी न हो।
राज्य के मुद्दे से लेकर स्थानीय समस्याओं तक हुई चर्चा
शिविर में एक तरफ जहां बिहार की बाढ़ और फरक्का जल संधि जैसे बड़े मुद्दे पर उमेश कुशवाहा ने अपनी बात रखी, वहीं स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। स्थानीय विधायक के रूप में उनकी मौजूदगी में लोगों को अपनी शिकायतें सीधे रखने का मौका मिला।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के तौर पर क्षेत्र की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रशासन के साथ समन्वय करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।







