पटना में IPS विकास वैभव के लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तहत ‘नवरात्रि सांस्कृतिक संध्या’, 9 विदुषियों को मिला गार्गी शक्ति स्वरूपा सम्मान
Patna Desk: लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के अंतर्गत गार्गी अध्याय द्वारा मंगलवार को राजधानी पटना में भव्य ‘नवरात्रि सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्याय से जुड़ी 9 विदुषियों को समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘गार्गी शक्ति स्वरूपा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाली विदुषियों में डॉ. सृष्टि, अंजू स्मिता, रिंकू शर्मा, प्रतिमा सिंह, पूनम राज, ममता सिन्हा, फरहा नाज़, संगीता देवी और गुड़िया झा शामिल रहीं। कन्या पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और फिर लोकगीतों, भजनों के साथ झिझिया, डांडिया और गरबा जैसे लोकनृत्यों ने माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।
गार्गी अध्याय बना महिलाओं का वैचारिक मंच
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गार्गी अध्याय बिहार में महिलाओं के लिए एक सशक्त वैचारिक और सामाजिक मंच बन चुका है। वर्तमान में लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान से सीधे 2.55 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं, जिनमें 20,000 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।

अभियान के तहत 14 जिलों में 27 निःशुल्क पाठशालाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें से 22 केंद्र गार्गी अध्याय की विदुषियों द्वारा संचालित ‘गार्गी पाठशाला’ हैं। आने वाली 1 अक्टूबर, 2025 को महानवमी के दिन नवगछिया (महदत्तपुर) में एक और नया केंद्र शुरू होगा, जिसके बाद यह संख्या 15 जिलों में 28 हो जाएगी।
महिलाओं के लिए उद्यमिता के अवसर
कार्यक्रम में बताया गया कि अध्याय केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वंचित महिलाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में भी काम कर रहा है। गार्गी कला कौशल केंद्र, गार्गी कृत्या और गार्गी गृहिणी जैसी पहल के जरिए उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अब तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 800 से अधिक अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है। संगठन का लक्ष्य है कि 2028 तक बिहार के हर पंचायत में गार्गी अध्याय की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम में रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर बी. डी. पब्लिक स्कूल के निदेशक एस. बी. राय, मुख्य समन्वयक डॉ. प्रीति बाला, डॉ. बी. प्रियम, डॉ. रत्ना पुरकायस्थ, डॉ. बिंदा सिंह, नम्रता कुमारी, शायरीन इरम, भावना शर्मा, करिश्मा और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सभी उपस्थित महिलाओं और युवतियों ने विकसित बिहार, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साधने हेतु योगदान का संकल्प भी लिया।







