जिला परिषद की खाली ज़मीन से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, युवाओं को मिलेगा रोजगार: मधुबनी में मंत्री दीपक प्रकाश का सख्त एक्शन प्लान
Bihar news: बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि राज्य भर की जिला परिषदों की करीब साढ़े आठ हजार एकड़ रिक्त भूमि को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। मंत्री अपने एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को मधुबनी पहुंचे, जहां परिसदन में उनकी अध्यक्षता में जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ पंचायती राज विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में सीतामढ़ी के उप विकास आयुक्त, पटना मुख्यालय से उप सचिव गोविंद चौधरी, प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला परिषद के अधिकारी तथा सभी प्रखंडों के बीपीआरओ मौजूद रहे। समीक्षा की शुरुआत जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से हुई।
जिला परिषद की भूमि बनेगी रोजगार का आधार
समीक्षा के दौरान मंत्री ने बताया कि केवल सीतामढ़ी जिला परिषद के पास ही 393 एकड़ रिक्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन जमीनों पर दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मॉल और आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जाए ताकि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज हों। साथ ही अतिक्रमित भूमि को शीघ्र मुक्त कराने का आदेश दिया। अद्यतन भूमि विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी जिला परिषदों को स्पष्ट रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
पंचायत सरकार भवन पर सख्त रुख
मधुबनी जिले की 386 पंचायतों में अब तक 122 पंचायत सरकार भवन पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 140 निर्माणाधीन हैं और 124 पंचायतों में कार्य शुरू नहीं हुआ है। 13 पंचायतों में भूमि की समस्या बनी हुई है। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समय सीमा में निर्माण पूरा नहीं होने या गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
31 मार्च तक सोलर लाइट लक्ष्य पूरा करने का आदेश
जिले में 57,200 सोलर लाइट लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से अब तक 33,743 लाइटें स्थापित हो चुकी हैं। शेष 23,457 लाइटों को 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही हर पोल पर सर्विस प्रोवाइडर का व्हाट्सएप नंबर लिखने और खराब मेंटेनेंस वाली एजेंसियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए।
उपयोगिता प्रमाण पत्र में सुधार, लेकिन काम बाकी
बैठक में बताया गया कि पहले लगभग 1621 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे, जिनमें से प्रयासों के बाद अब केवल 232 करोड़ रुपये के प्रमाण पत्र शेष हैं। मंत्री ने इसे जल्द से जल्द जमा कराने का निर्देश दिया।
वित्त आयोग की योजनाओं पर असंतोष
छठी वित्त आयोग की योजनाओं में जहां ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर 60 से 65 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है, वहीं जिला परिषद में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत से भी कम है। पंद्रहवीं वित्त आयोग की स्थिति और चिंताजनक पाई गई, जहां जिला परिषद स्तर पर मात्र 15 प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी है। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
कन्या विवाह मंडप और ग्राम कचहरी पर फोकस
कन्या विवाह मंडप योजना के तहत अधिकांश पंचायतों में भूमि विवरण उपलब्ध नहीं होने पर मंत्री ने इसे गंभीर चूक बताया। वहीं ग्राम कचहरी में दर्ज मामलों की संख्या कम होने पर सरपंचों और कर्मियों के प्रशिक्षण के निर्देश दिए गए।
RTPS में बेहतर प्रदर्शन
RTPS के तहत जिले में प्राप्त 2,17,149 आवेदनों में से 2,13,629 का निष्पादन हो चुका है। मंत्री ने RTPS केंद्रों के नियमित औचक निरीक्षण का निर्देश दिया।
बैठक के समापन पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।







