वैशाली बना नंबर वन, किसान पंजीकरण अभियान में पूरे बिहार में पहला स्थान
वैशाली: बिहार सरकार के किसान पंजीकरण महाअभियान का समापन वैशाली जिले के लिए बड़ी सफलता लेकर आया है। अभियान के आखिरी दिन 11,332 किसानों का पंजीकरण कर वैशाली ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि जिले के प्रशासन, फील्ड टीम और किसानों के सहयोग का नतीजा मानी जा रही है।
अभियान के दौरान वैशाली की रैंकिंग कई बार ऊपर-नीचे हुई, लेकिन अंत में जिले ने शानदार बढ़त बनाते हुए राज्य में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इससे साफ है कि आखिरी समय तक लगातार मेहनत और सही रणनीति ने वैशाली को आगे पहुंचाया।
दो चरणों में चला अभियान
किसान पंजीकरण अभियान को दो चरणों में चलाया गया।
पहला चरण 6 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें भगवानपुर प्रखंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद दूसरे चरण में पातेपुर प्रखंड आगे रहा और बड़ी संख्या में किसानों का पंजीकरण किया गया। दोनों चरणों के बेहतर काम से अभियान को बड़ी सफलता मिली।
बड़े आंकड़े, बड़ी उपलब्धि
पूरे अभियान के दौरान जिले में
• 1,42,681 किसान पंजीकरण
• 2,21,328 ई-केवाईसी
• 2,14,562 पीएम-किसान पंजीकरण
पूरे किए गए। इसके बाद जिले में कुल किसान पंजीकरण का आंकड़ा 66 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी।
“कोई किसान छूटे नहीं” का संकल्प
जिलाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में प्रशासन ने यह ठान लिया था कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे। इसके लिए महादलित टोले, दूरदराज के गांव और कमजोर वर्ग के इलाकों में विशेष शिविर लगाए गए। ठंड के मौसम में भी अलाव जलाकर किसानों को इकट्ठा किया गया, ताकि सभी का पंजीकरण हो सके।
इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही। महिला किसानों को आगे लाया गया और फेशियल रिकग्निशन जैसे नए तरीकों से पंजीकरण कराया गया, जिससे महिलाओं का भरोसा बढ़ा।
तकनीक ने आसान बनाया काम
पंजीकरण के दौरान तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया। कंट्रोल रूम के जरिए समस्याओं का तुरंत समाधान हुआ। व्हाट्सएप, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डोर-टू-डोर पंजीकरण और पंचायत भवन, सीएससी व वसुधा केंद्रों की मदद से प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया गया।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस अभियान में कृषि, राजस्व, प्रखंड स्तर की टीमें, जीविका दीदी, आंगनवाड़ी कर्मी और तकनीकी कर्मी सभी ने मिलकर काम किया। हर स्तर पर समन्वय बना रहा और समस्याओं का तुरंत समाधान होता रहा।
किसानों के लिए मजबूत कदम
अंत में यह अभियान केवल आंकड़ों की सफलता नहीं रहा, बल्कि किसानों के भरोसे और सशक्तिकरण की मिसाल बन गया। प्रशासन की मेहनत से हजारों किसान सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ पाए।
वैशाली ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।







