किसानों से उपभोक्ताओं तक मजबूत होगी सब्जी सप्लाई चेन, बिहार में खुलेंगे “तरकारी आउटलेट” और आधुनिक सब्जी मॉल
बैठक में राज्य के प्रमुख शहरों- पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया की आवासीय सोसाइटियों में “तरकारी आउटलेट” खोलने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके तहत पटना में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि शहरी उपभोक्ताओं को आसानी से ताजी सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकें।
समीक्षा बैठक में 750 एमटी क्षमता वाले बहुउद्देशीय शीत भंडारण (Multipurpose Cold Storage) परियोजनाओं पर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि आधुनिक भंडारण व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
सहकारिता मंत्री ने प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) को प्रखंड स्तर से पंचायत स्तर तक विस्तार देने और सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी महाभियान चलाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को सहकारिता मॉडल से जोड़कर आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक कृषि अवसंरचना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” और “एग्री-इंफ्रा विजन” को धरातल पर उतारने के लिए सहकारी संस्थाओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
राज्य में आधुनिक “सब्जी मॉल” विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
इसके अलावा “Farm to Desk” मॉडल को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और इसके लिए विशेष मोबाइल एप विकसित करने का निर्देश भी दिया गया। सरकार का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर पारदर्शी और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करना है।
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, VEGFED के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।







