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बिहार के हर थाने में 30 दिन में Video Conferencing! गृह विभाग का बड़ा आदेश

Patna:  बिहार के सभी पुलिस थानों में अगले 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है. 5 अक्टूबर को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया गया. बैठक में लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट के जल्द निष्पादन और स्पीडी ट्रायल के मामलों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया...
 
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Patna:  बिहार के सभी पुलिस थानों में अगले 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा सक्रिय की जाएगी। सोमवार, 5 अक्टूबर को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा की गई घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने विभागीय कार्यों की अद्यतन स्थिति से प्रधान सचिव को अवगत कराया।

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सभी थानों में 30 दिन के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव पंकज कुमार ने राज्य के सभी थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा को अगले 30 दिनों के भीतर सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से पुलिस थानों और वरीय अधिकारियों के बीच समन्वय और त्वरित संवाद को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और इसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट का जल्द हो निष्पादन

बैठक के दौरान लंबित फोरेंसिक जांच के मामलों की भी समीक्षा की गई। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि फोरेंसिक रिपोर्ट लंबित रहने के कारण अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और उनके त्वरित निष्पादन की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, स्पीडी ट्रायल से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।

पंकज कुमार ने निर्देश दिया कि स्पीडी ट्रायल के मामलों को जल्द पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा पर भी फोकस

बैठक में विभिन्न आयोगों की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और सुचारु संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रधान सचिव ने कहा कि पुलिस मुख्यालय जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रतियोगी परीक्षाओं की मिशन मोड में मॉनिटरिंग करे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की आवाजाही और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने विशेष रूप से परीक्षा के दिन संबंधित शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु और मजबूत रखने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो और आम लोगों के आवागमन पर भी अनावश्यक असर न पड़े।

जिलावार प्रगति रिपोर्ट नियमित देने का निर्देश

प्रधान सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जिलावार अद्यतन प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ-साथ प्रभावी अनुश्रवण पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) पारस नाथ, अपर पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण एवं एससीआरबी) अजिताभ कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम, आईजी (मुख्यालय) मनोज कुमार, अपर सचिव, गृह विभाग कुंदन कुमार, निदेशक, अभियोजन सुधांशु कुमार चौबे, संयुक्त सचिव, गृह विभाग कमल नयन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।