पटना में अंधेरे पर ‘वार’: 72 घंटे में ठीक होगी हर खराब स्ट्रीट लाइट, निगम का सख्त एक्शन प्लान लागू
शहर के सभी 19 जोनों में तीन-तीन प्रशिक्षित कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जिन्हें मोबाइल वैन और जरूरी उपकरणों से लैस किया गया है। ये टीमें लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त कर खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान कर रही हैं और मौके पर ही मरम्मत या बदलाव का काम कर रही हैं।
हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
निगम के कंट्रोल रूम में टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप के जरिए मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर 24 से 72 घंटे के भीतर समाधान किया जा रहा है। मौसम चाहे कोई भी हो गर्मी, बारिश या ठंड टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर लाइटों को दुरुस्त कर रही हैं।
रिकॉर्ड स्तर पर शिकायतों का निपटारा
वर्ष 2025 में स्ट्रीट लाइट से जुड़ी 11,899 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनका शत-प्रतिशत समाधान किया गया। वहीं 2026 में अब तक 3,263 शिकायतों में से 1,806 का निपटारा हो चुका है और बाकी पर तेजी से काम जारी है।
अब और चमकेगा पटना
फिलहाल शहर में 83 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, जिनकी क्षमता 35 से 140 वाट तक है। बढ़ती आबादी और विस्तार को देखते हुए 25 हजार नई स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। साथ ही, पूरी व्यवस्था को और स्मार्ट बनाने के लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की योजना है।
इस पहल से साफ है कि अब पटना की सड़कों पर अंधेरा ज्यादा देर तक टिक नहीं पाएगा, क्योंकि निगम ने रोशनी को लेकर अपनी रणनीति पूरी तरह तेज और टेक्नोलॉजी से लैस कर दी है।







