बिहार के सारण में एके-47 नेटवर्क और हथियार तस्करी में वार्ड पार्षद गिरफ्तार
Bihar News: बिहार के सारण जिले के परसा नगर पंचायत में एनआईए ने हथियार तस्करी और एके-47 नेटवर्क के मामले में मुख्य पार्षद के आवास पर छापेमारी की. दिल्ली और पटना से पहुंची एनआईए की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल के साथ नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की. टीम ने करीब चार घंटे तक घर में गहन तलाशी ली. इस दौरान घर के अंदर आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया था और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई. छापेमारी की कार्रवाई पूरी होने के बाद एनआईए की टीम मुख्य पार्षद के पुत्र और वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई. एनआईए ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी.
एनआईए के अनुसार यह मामला एक एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से जुड़ा था. आरोपी करमुल्लाह अंसारी ने दूसरे सह-आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में एडवांस्ड प्रतिबंधित बोर के हथियारों की स्मगलिंग करने की साज़िश रची थी, जिसका मकसद पब्लिक शांति और सुरक्षा को बिगाड़ना और नेशनल सिक्योरिटी को खतरे में डालना था. यह मामला मुजफ्फरपुर के मुर्घटिया ब्रिज से लेंस और ज़िंदा गोलियों के साथ एक एके-47 राइफल की बरामदगी और 4 आरोपियों की गिरफ़्तारी से जुड़ा है. इसको लेकर मुजफ्फरपुर के फकुली थाना में केस दर्ज किया गया था. एनआईए के अनुसार 8 मई 2025 को 4 आरोपियों, जिनके नाम विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी हैं, के खिलाफ आईपीसी की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धाराओं 13 और 18 के तहत अपनी पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल कर दी है.
दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 20 फरवरी 2026 को आरोपी मंजूर खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120B, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(1AA), 26 और 35, और UA (P) एक्ट की धाराओं 13 और 18 के तहत फाइल की गई. तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 15 अप्रैल 2026 को आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ फाइल की गई. इस मामले में आरोपी भैरव त्रिपाठी, पुत्र जगत नारायण त्रिपाठी, निवासी साहेबगंज, मुजफ्फरपुर को हाल ही में बुधवार 19 अगस्त 2026 को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया था. अत्याधुनिक हथियारों, एके-47 के पुर्जों की बरामदगी, संदिग्ध फंडिंग और अन्य गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क को लेकर यह जांच की जा रही है. इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी एनआईए की पांच सदस्यीय टीम ने इसी आवास पर लंबी छापेमारी की थी. उस समय करीब 10 से 12 घंटे तक कार्रवाई चली थी. छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी.
टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की थी. वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी का नाम पूर्व में भी हथियार से जुड़े मामलों में सामने आया है और वह पहले जेल जा चुके हैं. इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इसी परिवार के आवास पर पूर्व में विदेशी नागरिकों के आने-जाने, कथित अवैध हथियार और विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों को लेकर भी कार्रवाई होने की बात कही जाती रही है. एनआईए की ताजा कार्रवाई के बाद परसा क्षेत्र में चर्चा का माहौल तेज है. राजनीतिक हलकों में हलचल है.







