मौसम ने बदला मिजाज: 17 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, IMD ने दी तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 31 मई को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
इधर दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले चार से पांच दिनों में इसके तमिलनाडु, केरल और आसपास के क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
जिन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
दिल्ली में आज दिनभर आंशिक बादल छाए रहने और शाम के समय हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि 1 और 2 जून को बारिश की संभावना कम बताई गई है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर साफ दिखाई देगा। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और मेरठ समेत कई शहरों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
बिहार में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा समेत कई जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।
राजस्थान में धूलभरी आंधी और मौसम की गतिविधियां अगले सात दिनों तक जारी रह सकती हैं। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम सुहावना बना हुआ है और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पंजाब में 31 मई और 1 जून को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 4 और 5 जून को फिर बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और बिजली गिरने तथा तेज हवाओं से बचाव के लिए सुरक्षित जगहों पर शरण लें।







