यूपी चुनाव में नितिन नवीन का मंत्र 'खोज 501' क्या? ठीक से इम्प्लीमेंट हुआ तो भाजपा की हैट्रिक फिक्स
लखनऊ: हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लखनऊ आए थे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के लिए कई मंत्र दिए, जिसमें खोज 501 भी एक है. खास बात यह है कि नितिन नवीन की ओर से दिए गए सुझाव पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काम करना भी शुरू कर दिया है.
नितिन नवीन की सलाह पर उत्तरप्रदेश में 403 विधानसभा सीटों का जिम्मा संभालने के लिए 501 प्रभारियों की तलाश की जा रही है. राज्य में कई सीटों को वीआईपी मानकर वहां तैयारी की जाएगी. इसके लिए करीब 100 ज्यादा प्रभारी तलाशे जा रहे हैं. जिस प्रभारी को जिस जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे, वहां की स्थानीय कार्यकर्ताओं और जिलाध्यक्षों के साथ सामंजस्य बिठाकर विधानसभा चुनाव की प्लानिंग करनी होगी. बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इसके लिए काम शुरू कर चुके हैं.
इसके अलावा भी नितिन नवीन ने चुनाव को लेकर कुछ और दिशा निर्देश दिए हैं. पार्टी ने अपनी चुनावी और संगठनात्मक रणनीति को धार देने के लिए नए और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच भावनात्मक तालमेल (समन्वय) बिठाने की नई रणनीति अपनाई है. संगठन ने सभी जिलाध्यक्षों से ऐसे पूर्व जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक) और पदाधिकारियों की सूची मांगी है जो पहले सरकार या संगठन में सक्रिय थे, लेकिन फिलहाल हाशिए पर हैं. इन्हें विशेष जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारा जा सकता है.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जिन अनुभवी नेताओं ने बिना संसाधनों के संघर्ष करके पार्टी खड़ी की, उनके अनुभव और मार्गदर्शन से ही नए कार्यकर्ताओं को सफलता मिलेगी. प्रवास पर जाने वाले सभी पार्टी पदाधिकारियों के लिए अपने क्षेत्र के पुराने नेताओं से मिलना अनिवार्य कर दिया गया है. इस मुलाकात की सीधी रिपोर्ट संगठन महामंत्री को सौंपी जाएगी. बीते 11 जुलाई की बैठक में तय हुआ कि समन्वय सिर्फ सरकार और संगठन के बीच नहीं, बल्कि पूर्व सांसदों, विधायकों, एमएलसी और पूर्व जिलाध्यक्षों के साथ भी मजबूत किया जाएगा. प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं और 98 संगठनात्मक जिलों में नए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे. इसके अलावा 6 क्षेत्रों और मोर्चों के लिए अलग से सूची आएगी.
विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति में यह ध्यान रखा जाएगा कि उनकी राजनीतिक उम्र और उपलब्धियां (सीनियरिटी) चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी से ज्यादा हों, ताकि संगठन में स्वाभाविक अनुशासन बना रहे. मंत्रियों और विधायकों के चुनाव क्षेत्रों में हटाए गए वोटरों को वापस वोटर लिस्ट में जोड़ें. राम मंदिर के चंदे की चोरी पर पब्लिक कमेंट्स से बचें. UGC रेगुलेशन के मुद्दे का पक्का हल ढूंढें.
उत्तरप्रदेश बीजेपी के नेता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दिशा निर्देश को लेकर बेहद आशान्वित हैं. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत संगठन के कार्यों में जुटे तमाम नेताओं का कहना है कि अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से बताए गए मंत्र को सही ढंग से पालन कर लिया गया तो उत्तर प्रदेश में पार्टी को जीत की हैट्रिक लगाने से कोई नहीं रोक सकता है. इसके साथ ही तमाम नेता दावा कर रहे हैं कि वह पूरी तरह से नितिन नवीन के बताए मंत्र का अनुपालन करने और जीत के लक्ष्य को पूरा करने के मिशन में लग गए हैं.







