बिहार में भाजपा कब-कैसे बनाएगी सरकार? इतने चरणों में समझिए मुख्यमंत्री चयन से बहुमत तक की पूरी प्रकिया
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया मंगलवार की सुबह मौजूदा सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे से शुरू होगी और बिहार विधानसभा में भाजपा के सीएम के द्वारा सदन में बहुमत साबित करने के बाद पूरी होगी। बिहार में नई सरकार के गठन में आगे क्या, कब और कैसे होना है, इसे 14 आसान चरणों में समझा जा सकता है।
1- भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के गठन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा से पूरी प्रक्रिया की शुरुआत होगी। नीतीश कुमार मंगलवार की सुबह 11 बजे अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेगे और उसके बाद राजभवन जाकर त्यागपत्र दे देंगे। राज्यपाल अगले सीएम की शपथ तक उन्हें पद पर बने रहने कहेंगे।
2- नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए गठबंधन के घटक दलों के विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के विधायक अपना-अपना नेता चुनेंगे। इसमें कल होने वाला भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव सबसे अहम है, जो आगे मुख्यमंत्री बन जाएगा या जाएगी। जदयू विधायक दल के नेता के चुनाव पर भी सबकी नजर होगी, जो पद नीतीश के एमपी बनने से खाली हो रही है। जदयू किसी अपना नेता चुनता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
3- भाजपा विधायक दल के नेता को ही कल एनडीए विधायकों की संयुक्त बैठक में गठबंधन का भी नेता चुना जाएगा। यही राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनेगा या बनेगी।
4- नीतीश कुमार की जगह पर चुना जाने वाला एनडीए गठबंधन का नया नेता इसके बाद राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेगा या करेगी। साथ में विधायकों के समर्थन की सूची भी राज्यपाल को सौंपी जाएगी, जिसमें बहुमत का दावा हो।
5- राजभवन एनडीए गठबंधन के दो तिहाई बहुमत को देखते हुए भाजपा के नेता को सरकार बनाने का न्योता देंगे और शपथ ग्रहण समारोह के लिए जगह और समय की सूचना देकर आमंत्रित करेंगे।
6- एनडीए विधायक दल के नेता अपने साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची राजभवन को भेज देंगे।
7- राजभवन मंत्रियों की सूची में शामिल नेताओं को फोन करके शपथ ग्रहण के लिए बुलाएगा, जिन्हें 15 अप्रैल को सीएम के साथ शपथ लेनी है।
8- राजभवन द्वारा निर्धारित समय और जगह पर नए मुख्यमंत्री के साथ नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। चर्चा है कि 15 अप्रैल को पटना के लोक भवन में शपथ होगी। सीएम के साथ दो डिप्टी सीएम और कुछ मंत्री पहली किस्त में शपथ ले सकते हैं, जिसमें सभी घटक दलों का प्रतिनिधित्व बना रहेगा।
9- शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल नए मंत्रियों के बीच विभाग और काम का बंटवारा करके अधिसूचना जारी कर देंगे।
10- विभाग आवंटन के बाद संबंधित मंत्री अपने-अपने मंत्रालयों में जाकर कामकाज संभालेंगे।
11- भाजपा के मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट की पहली बैठक बुलाएंगे, जिसमें विधानसभा सत्र बुलाने की तारीख तय होगी। मंत्रिमंडल की सिफारिश राज्यपाल को भेजी जाएगी।
12- सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुलाएंगे।
13. विधानसभा में अगर स्पीकर का पद जदयू को मिलना होगा तो नए विधानसभा अध्यक्ष का भी चुनाव होगा। अगर नहीं तो भाजपा के मौजूदा स्पीकर प्रेम कुमार सदन चलाएंगे।
14. विधानसभा में भाजपा के मुख्यमंत्री विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करेंगे, जिस पर बहस के बाद वोटिंग होगी। सदन में बहुमत साबित करने के साथ सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।







