अब शहजादा कौन?’ NDA सरकार पर तेजस्वी का तीखा हमला, परिवारवाद से लेकर अपराध तक घेरा
तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी “परिवारवाद” के खिलाफ हुंकार भरते थे, आज उन्हीं की कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे और कई परिवारवादी चेहरे शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि “अब शहजादा कौन है?”, क्योंकि बिना चुनाव लड़े कई नेताओं के पुत्र सीधे मंत्री बना दिए गए हैं।
“सरकार के पास विजन नहीं, खजाना खाली”
विपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों में बिहार ने दो मुख्यमंत्री देख लिए, लेकिन जनता के सामने अब तक कोई स्पष्ट विजन या विकास का रोडमैप नहीं रखा गया। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है और कर्मचारियों, पेंशनधारियों व ठेकेदारों को भुगतान तक करने में परेशानी हो रही है।
सरकार पर “सिर्फ नाम बदलने और रीलबाजी” करने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि सात निश्चय जैसी योजनाओं की चर्चा तक नहीं हो रही, जबकि बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोग परेशान हैं।
जातीय संतुलन पर भी सवाल
कैबिनेट विस्तार में सामाजिक और जातीय संतुलन की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने कहा कि कई अति पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। नाई, लोहार, बिंद और बेलदार समुदाय का जिक्र करते हुए कहा गया कि सरकार केवल प्रभावशाली और रसूखदार नेताओं को आगे बढ़ा रही है, जबकि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
TRE अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
विपक्ष ने शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे TRE अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को भी बड़ा मुद्दा बनाया। आरोप लगाया गया कि सरकार युवाओं की समस्याएं सुनने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। विपक्ष ने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहा है और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल साबित हो रही है।
“सड़क से सदन तक लड़ाई”
तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों ने अब राज्यभर में जनसंपर्क अभियान और आंदोलन चलाने का संकेत दिया है। कहा गया कि हर जिले और प्रखंड में संगठन को मजबूत किया जाएगा और जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।
विपक्ष ने साफ किया कि महिलाओं के आरक्षण, युवाओं की नौकरी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरा जाएगा।







