‘घर की बेटी सांसद, गरीब की क्यों नहीं?’- महिला आरक्षण पर सम्राट चौधरी का विपक्ष पर तीखा वार
‘महिलाओं के साथ हुआ धोखा’
सीएम ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों को ठेस पहुंचाई।
परिवारवाद पर सीधा निशाना
सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों में परिवार की महिलाएं सांसद बन जाती हैं, लेकिन गरीब और सामान्य परिवार की बेटियों को अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के परिवार का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
‘बिल पास होता तो बदल जाती तस्वीर’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता, तो बिहार में महिला प्रतिनिधित्व में बड़ा इजाफा होता। उन्होंने बताया कि अभी राज्य में केवल 29 महिला विधायक हैं, जबकि बिल लागू होने पर यह संख्या 100 से अधिक हो सकती थी।
संसद में विरोध पर सवाल
सीएम ने आरोप लगाया कि संसद में लाए गए तीन महत्वपूर्ण विधेयकों का विपक्ष ने विरोध किया, जिससे महिलाओं को उनका हक नहीं मिल सका।
महिला नेताओं की मौजूदगी
इस प्रेस वार्ता में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह, पूर्व मंत्री लेशी सिंह और विधायक ज्योति देवी भी मौजूद रहीं।
सियासत में तेज हुई बहस
महिला आरक्षण को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी अपने चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रहा है।







