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बिहार चैम्बर में AI पर कार्यशाला, कारोबारियों को बताए व्यावसायिक काम आसान बनाने के तरीके

 
बिहार चैम्बर में AI पर कार्यशाला, कारोबारियों को बताए व्यावसायिक काम आसान बनाने के तरीके

Patna: बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से शनिवार को ‘व्यावसायिक कार्यों में AI का व्यवहारिक उपयोग’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में कारोबारियों, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

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कार्यशाला में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) के निदेशक संजय कुमार ने AI की आधुनिक तकनीकों और कारोबारी क्षेत्र में उनके उपयोग को लेकर प्रस्तुति दी। उन्होंने अलग-अलग AI टूल्स और Generative AI के जरिए रोजमर्रा के व्यावसायिक कार्यों को आसान बनाने के तरीकों को उदाहरणों के साथ समझाया।

ई-मेल से लेकर मार्केट रिसर्च तक AI का इस्तेमाल

चैम्बर के अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने कहा कि AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। व्यापार और उद्योग से जुड़े कई कामों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर छोटे और मध्यम कारोबारी AI की मदद से समय और लागत बचाने के साथ काम की क्षमता बढ़ा सकते हैं।

आईटी उप-समिति के चेयरमैन अखिलेश कुमार ने बताया कि AI की मदद से ई-मेल और पत्र तैयार करने, रिपोर्ट व प्रेजेंटेशन बनाने, बाजार से जुड़ी जानकारी जुटाने, डेटा का विश्लेषण करने, ग्राहक सेवा और डिजिटल मार्केटिंग जैसे काम तेजी से किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दस्तावेजों का सार तैयार करने, सोशल मीडिया कंटेंट, लेखा-जोखा से जुड़े कार्यों और कारोबारी फैसलों के लिए जरूरी जानकारी को समझने में भी AI उपयोगी साबित हो सकता है।

सही Prompt से बेहतर परिणाम की जानकारी

STPI निदेशक संजय कुमार ने PowerPoint Presentation के माध्यम से Generative AI के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि AI से बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सही निर्देश यानी Prompt देना महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला में AI के इस्तेमाल के साथ जुड़े कुछ जरूरी पहलुओं पर भी चर्चा हुई। इसमें डेटा की गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, तथ्य-जांच और मानव निगरानी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया।

संजय कुमार ने कहा कि AI को अपनाना सिर्फ भविष्य की तैयारी नहीं है, बल्कि मौजूदा कारोबार को ज्यादा तेज, स्मार्ट और प्रतिस्पर्धी बनाने का भी माध्यम है। उन्होंने कारोबारियों को सलाह दी कि वे पहले अपने नियमित कार्यों की पहचान करें और उन कामों में AI का प्रयोग शुरू करें, जहां इससे समय बचने के साथ गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

कारोबारियों ने पूछे अपने सवाल

कार्यशाला में मौजूद व्यवसायियों और उद्यमियों ने AI के इस्तेमाल को लेकर विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने अपने-अपने कारोबार से जुड़े सवाल विशेषज्ञ के सामने रखे, जिनका संजय कुमार ने जवाब दिया।

प्रतिभागियों ने इस तरह के व्यावहारिक कार्यक्रम को कारोबार जगत के लिए उपयोगी बताया। चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि तकनीक और व्यापार की बदलती जरूरतों को देखते हुए आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य कारोबारियों को Digital Transformation और AI आधारित समाधानों से जोड़ना है।

कार्यक्रम के अंत में चैम्बर के महामंत्री मुकेश कुमार जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान उपाध्यक्ष एन.के. ठाकुर, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, आशीष शंकर, पशुपति नाथ पाण्डेय, सुबोध कुमार जैन, सुनील सराफ, आशीष प्रसाद, मुकेश कुमार, अजय गुप्ता, अशोक कुमार, अनिल पचीसिया, पवन भगत, बिनोद कुमार, मनोज बेंगानी, अमरेश बहादुर सिंह, सुधि रंजन, आलोक पोद्दार, एम.पी. बिदासरिया, प्रकाश सहाय, उमाशंकर प्रसाद वर्मा, नवीन गुप्ता, सावल राम ड्रोलिया, ए.एम. अंसारी, श्रवण गोयनका, महेश बहरूस समेत चैम्बर के अन्य सदस्य मौजूद रहे।