बोधगया में बन रहा ‘World Wonders’ वाला इको-टूरिज्म पार्क, 40 एकड़ में दिखेगी ताजमहल से लेकर ग्रेट वॉल ऑफ चाइना की झलक
करीब 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह इको-टूरिज्म पार्क बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। गया वन प्रमंडल की ओर से तैयार किए जा रहे इस पार्क पर लगभग 21.79 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान फरवरी 2025 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी और अब निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अगले तीन महीनों में इसे आम लोगों के लिए खोलने की संभावना जताई जा रही है।
रात में भी जगमगाएगा पार्क, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पार्क को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां मजबूत बाउंड्री वॉल, भव्य प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आकर्षक बैठने की व्यवस्था और अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। खास बात यह है कि रात के समय भी पार्क बेहद आकर्षक दिखे, इसके लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था की जा रही है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया, आधुनिक शौचालय, विशाल पार्किंग एरिया और बच्चों के लिए आधुनिक खेल क्षेत्र भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण और खूबसूरत लॉन विकसित किए जा रहे हैं।
‘सात अजूबों’ की प्रतिकृतियां बनेंगी सबसे बड़ा आकर्षण
इस इको-टूरिज्म पार्क की सबसे बड़ी खासियत दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां होंगी। यहां आने वाले पर्यटक ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, क्राइस्ट द रिडीमर, ईस्टर आइलैंड मोआई, पेट्रा और कोलोसियम जैसी विश्व प्रसिद्ध संरचनाओं की झलक एक ही स्थान पर देख सकेंगे। यही वजह है कि यह पार्क बनने से पहले ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा नहीं देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। पार्क संचालन, सुरक्षा, सफाई, उद्यान प्रबंधन और कैफेटेरिया जैसी सेवाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा आसपास के होटल, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने भरोसा जताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सिलौंजा का यह इको-टूरिज्म पार्क बिहार के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।







