वैशाली में 6 महीने में 5 सरकारी कर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से हड़कंप
Vaishali News: वैशाली जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की लगातार कार्रवाई से सरकारी महकमे में खलबली मच गई है. बीते 6 महीने में राजस्व कर्मचारी, डेटा एंट्री आपरेटर, परिचारी, दरोगा और क्लर्क समेत 5 सरकारी कर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं. एक के बाद एक गिरफ्तारी से सभी विभागों के कर्मचारियों में डर का माहौल है. निगरानी की टीम ने राजस्व, खनन, पुलिस और आपूर्ति विभाग को निशाना बनाया है. हर बार शिकायत के बाद सत्यापन कर जाल बिछाया गया और आरोपी को पैसे लेते ही दबोच लिया गया.
लगातार हो रही कार्रवाई के बाद जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल है. कई फाइलें अटकी पड़ी हैं और लोग बिना रिश्वत काम कराने से डर रहे हैं. निगरानी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. अगर कोई लोक सेवक, सरकारी पदाधिकारी कर्मी रिश्वत की मांग कर रहा है तो तुरंत शिकायत करें.
6 जनवरी 2026 को वैशाली थाना क्षेत्र के रघवापुर मंदिर के पास निगरानी की टीम ने राजस्व कर्मचारी राजेश रोशन को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. वैशाली थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी विनय कुमार सिंह ने 24 दिसंबर 2025 को निगरानी, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी कि राजस्व कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांग रहा है. सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई.
25 मार्च 2026 को स्थानीय खनन विभाग कार्यालय में छापेमारी कर निगरानी टीम ने डेटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार रोशन और परिचारी प्रमोद कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. बिदुपुर प्रखंड के माइल स्थित मीनाक्षी इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजीव कुमार के स्टाफ ने गिट्टी भंडारण लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी. सत्यापन के बाद कार्यालय में जाल बिछाकर दोनों को पकड़ा गया.
30 मार्च 2026 को पातेपुर थाना में तैनात एएसआई अखिलेश कुमार सिंह को निगरानी की टीम ने थाना परिसर के पीछे स्थित सरकारी क्वार्टर के बाहर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. पातेपुर थाना क्षेत्र के बहुआरा निवासी बहादुर पासवान के पुत्र चंदन कुमार ने केस डायरी में मदद करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी.
7 जुलाई 2026 को निगरानी की टीम ने अनुमंडल आपूर्ति शाखा में तैनात क्लर्क सुमन सौरभ को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. लालगंज के लक्ष्मी नारायणपुर निवासी जन वितरण प्रणाली विक्रेता किशन कुमार ने दुकान का लाइसेंस बहाल करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी. सत्यापन के बाद धावा दल ने हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय के द्वितीय तल स्थित रिकार्ड रूम से उसे गिरफ्तार किया.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अब तक 81 प्राथमिकी दर्ज की गई है. इनमें 76 ट्रैप कांड शामिल हैं. अब तक कुल 76 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है. ट्रैप कार्रवाई में 28 लाख 57 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है. वर्ष 2025 में 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये बरामद हुए थे.







