सुपौल में बस बनी आग का गोला, दमकल की देरी से भड़की भीड़ का गुस्सा- थाने में तोड़फोड़, DM-SP के हस्तक्षेप से हालात काबू में…
दमकल की देरी बनी गुस्से की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के तुरंत बाद लोगों ने खुद ही बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। बाल्टी से पानी और बालू डालकर करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान दमकल के समय पर नहीं पहुंचने से लोगों का गुस्सा भड़क उठा।
उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन तोड़ा
आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ थाने पहुंच गई और वहां खड़ी डायल 112 वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही सीसीटीवी कैमरा, ट्रैफिक बोर्ड और अन्य सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस रही बेबस, बाद में संभली स्थिति
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी भीड़ को शांत कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन काफी देर तक लोग उग्र बने रहे। बाद में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
टला बड़ा हादसा, बस में नहीं थे यात्री
बस कर्मी मनोज भगत ने बताया कि BR 31 P 8321 नंबर की बस रात करीब 8 बजे पटना के लिए रवाना होने वाली थी। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त बस में कोई यात्री मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।
रिपोटर: पीयूष राज, सुपौल







