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बिहार में रिश्वतखोरी पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार लेते बिजली कंपनी का JE गिरफ्तार; तकनीशियन भी दबोचा गया

 
बिहार में रिश्वतखोरी पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार लेते बिजली कंपनी का JE गिरफ्तार; तकनीशियन भी दबोचा गया

Bihar news: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भागलपुर में बिजली का नया कनेक्शन देने के बदले 4 हजार रुपये रिश्वत लेते बिजली वितरण कंपनी के जूनियर इंजीनियर (JE) अमित कुमार को निगरानी टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक निजी कंपनी के तकनीशियन सौरभ कुमार को भी पकड़ा गया है।

जानकारी के मुताबिक, निगरानी ब्यूरो को भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार ने शिकायत दी थी कि नया बिजली कनेक्शन देने के एवज में जेई की ओर से 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई। आरोप सही पाए जाने पर निगरानी ब्यूरो ने ट्रैप की योजना तैयार की।

इसके बाद डीएसपी मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने भागलपुर वितरण क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित कौटिल्य नॉर्थ पावर सब-स्टेशन परिसर में कार्रवाई की। इसी दौरान जेई अमित कुमार को कथित तौर पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया गया। उसके साथ सौरभ कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। सौरभ एक निजी कंपनी में तकनीशियन के रूप में काम करता है और स्मार्ट मीटर लगाने से जुड़े कार्यों में तैनात है। हालांकि, निगरानी ब्यूरो के अनुसार इस मामले में वह नामजद आरोपी नहीं है।

2026 में ट्रैप का 80वां मामला

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक ट्रैप की कार्रवाई के 80 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में विभिन्न विभागों और स्तरों से जुड़े कुल 80 लोकसेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों में अब तक कुल 29.18 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत वर्ष 2026 में बिहार में अब तक भ्रष्टाचार से जुड़े 86 मामले (FIR) दर्ज किए गए हैं। इनमें यह कार्रवाई ट्रैप से संबंधित 80वां मामला है।

राजस्व विभाग सबसे आगे

निगरानी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक सबसे ज्यादा ट्रैप की कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामलों में हुई है। इसके बाद पुलिस, पंचायती राज, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, खान एवं भूतत्व, शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का स्थान है।

ब्यूरो के मुताबिक, भ्रष्टाचार से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें भी इन्हीं विभागों से प्राप्त होती हैं।

पिछले साल 101 ट्रैप केस में हुई थी कार्रवाई

वर्ष 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कुल 101 ट्रैप मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 37.80 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की थी। वहीं, 2026 के शुरुआती साढ़े छह महीनों में ही ट्रैप मामलों की संख्या 80 तक पहुंच गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक हो सकता है।

भागलपुर की ताजा कार्रवाई के बाद निगरानी ब्यूरो ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।