अररिया में चला बुलडोजर: वन विभाग की जमीन से हटाया गया अतिक्रमण, अवैध मकानों में लगे बिजली मीटर पर उठे सवाल
Bihar news: अररिया जिला प्रशासन ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए गोढ़ी चौक से लेकर वन विभाग की भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सैकड़ों मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चला, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अभियान के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई जारी रखी और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिन मकानों को अवैध अतिक्रमण बताकर गिराया गया, उनमें से कई घरों में बिजली विभाग के आधिकारिक मीटर लगे हुए थे। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि जब ये मकान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने थे, तो आखिर बिजली विभाग ने इन घरों को कनेक्शन कैसे जारी कर दिया?
हालांकि इस संबंध में जब मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इससे बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया और विभागीय जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
बुलडोजर कार्रवाई की सूचना मिलते ही अतिक्रमण कर रह रहे परिवारों में हड़कंप मच गया। लोग जल्दबाजी में अपने घरों और दुकानों से सामान निकालने में जुट गए। प्रशासन ने झुग्गी-झोपड़ियों के साथ-साथ पक्के निर्माणों को भी ध्वस्त कर दिया, जो वन विभाग की भूमि पर बनाए गए थे।
जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं, अवैध कब्जों के बीच सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर उठे सवाल अब जांच और जवाबदेही की मांग को भी हवा दे रहे हैं।
रिपोर्ट: अरुण कुमार, अररिया







