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पूर्व सांसद सूरजभान सिंह पर जानलेवा हमले की साजिश का आरोप, 8 नामजद के खिलाफ FIR दर्ज

मोकामा में राजनीतिक रंजिश ने लिया हिंसक रूप, अनंत सिंह के समर्थक पर हमला
 
पूर्व सांसद सूरजभान सिंह पर जानलेवा हमले की साजिश का आरोप, 8 नामजद के खिलाफ FIR दर्ज
Bihar news: मोकामा की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह के समर्थक पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में उनके समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पंडारक थाना क्षेत्र का है।

पुलिस ने घायल के बयान के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

घटना 22 फरवरी की बताई जा रही है। पीड़ित सुबीर कुमार उर्फ शोभीर कुमार उर्फ सुमित ने आरोप लगाया है कि उस पर राजनीतिक रंजिश के तहत हमला किया गया। शिकायत के अनुसार, 23 फरवरी की शाम करीब 7:15 बजे वह एनएच-31 स्थित पंडारक बाजार में अपनी दुकान के सामने खड़ा था, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उसे घेर लिया।

आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट की और गमछे से गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे, तब उसकी जान बच सकी। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके शरीर और गले पर चोट के निशान होने की बात कही गई है। मोटरसाइकिल तोड़फोड़ का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित का दावा है कि वह अनंत सिंह का समर्थक है और इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया। उसने हमले के पीछे सूरजभान सिंह और कन्हैया सिंह की साजिश होने का आरोप लगाया है।

किन-किन पर दर्ज हुई FIR?

पंडारक थाना कांड संख्या 46/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में सूरजभान सिंह के अलावा कन्हैया सिंह, माधव कुमार उर्फ खन्ना सिंह, श्याम बाबू, कुमुद कुमार, पप्पू, नंदोदर प्रसाद और भगवान बिहारी को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।

इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), मारपीट और आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का क्या कहना है?

पंडारक थाना पुलिस के अनुसार, लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को लगभग 28 हजार मतों से हराया था। उस समय अनंत सिंह जेल में थे। फिलहाल वे दुलारचंद यादव हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में हैं।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच दर्ज इस FIR ने एक बार फिर मोकामा की सियासत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।