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खगड़िया में 81 लीटर शराब बरामदगी मामले में हाईकोर्ट से राहत, उत्तम कुमार को मिली अग्रिम जमानत; 15 हजार रुपये देकर लगाने होंगे फूलों के गमले

 
खगड़िया में 81 लीटर शराब बरामदगी मामले में हाईकोर्ट से राहत, उत्तम कुमार को मिली अग्रिम जमानत; 15 हजार रुपये देकर लगाने होंगे फूलों के गमले

Patna/Khagaria: बिहार में शराबबंदी कानून से जुड़े एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने खगड़िया के एक आरोपी को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति राजीव रॉय की अदालत ने परबत्ता थाना कांड संख्या-259/2026 में आरोपी उत्तम कुमार को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया है। यह मामला 81.450 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी से जुड़ा है।

हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अग्रिम जमानत का लाभ देने की बात कही। हालांकि, जमानत के साथ कोर्ट ने कई शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन आरोपी को करना होगा।

खुले मैदान से हुई थी शराब की बरामदगी

अदालत के आदेश के मुताबिक, परबत्ता थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक स्थान पर छापेमारी की थी। पुलिस के अनुसार, वहां से 81.450 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई थी। इसी बरामदगी के आधार पर 30 जून 2026 को सूचक सुमंत चौधरी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

आरोपी उत्तम कुमार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि शराब की बरामदगी उसके कब्जे से नहीं, बल्कि खुले मैदान से हुई थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी को एक पुराने आपराधिक मामले के आधार पर इस केस में जोड़ा गया है।

हाईकोर्ट ने पुराने फैसले का भी लिया सहारा

सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने पटना हाईकोर्ट के फुल बेंच के फैसले राम विनय यादव बनाम बिहार राज्य का हवाला दिया। दलील दी गई कि बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के मामले में भी परिस्थितियों के आधार पर अग्रिम जमानत की अर्जी पर विचार किया जा सकता है।

सरकार की ओर से पेश वकील ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी के आपराधिक इतिहास का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का निर्णय लिया।

15 हजार रुपये देने होंगे, कोर्ट परिसर में लगेंगे फूलों के गमले

अदालत ने अग्रिम जमानत के साथ एक खास शर्त भी रखी है। उत्तम कुमार को 15 हजार रुपये जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खगड़िया में जमा करने होंगे। यह राशि खगड़िया न्यायालय परिसर में फूलों के गमले लगाने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

आदेश के मुताबिक यह राशि स्थानीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से जारी डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करनी होगी। खर्च का रसीद भी ट्रायल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

10 हजार के बेल बॉन्ड पर जमानत

कोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण की स्थिति में चार सप्ताह के भीतर आरोपी को 10 हजार रुपये के बेल बॉन्ड और समान राशि के दो जमानतदारों के साथ जमानत पर छोड़ा जा सकता है। इनमें से एक जमानतदार आरोपी का परिवार का सदस्य या रिश्तेदार होना चाहिए और उसे अपनी पहचान व संबंध से जुड़ा आधिकारिक दस्तावेज देना होगा।

हर 15 दिन में थाने में लगानी होगी हाजिरी

जमानत के बाद भी आरोपी को जांच में सहयोग करना होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह जरूरत पड़ने पर पुलिस के समक्ष उपस्थित होगा। इसके अलावा छह महीने तक हर पखवाड़े संबंधित थाने में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

उसे ट्रायल कोर्ट की हर तारीख पर उपस्थित रहना होगा। लगातार दो तारीखों पर बिना उचित कारण अनुपस्थित रहने पर जमानत रद्द की जा सकती है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपी किसी गवाह को प्रभावित करने, धमकाने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की स्थिति में भी जमानत रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।

इस तरह 81.450 लीटर विदेशी शराब बरामदगी के मामले में आरोपी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, लेकिन उसे अदालत की निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।