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हाजीपुर में मानवता शर्मसार: सदर अस्पताल रोड पर कूड़े में मिला नवजात का शव, कुत्तों ने नोच डाला पैर

 
हाजीपुर में मानवता शर्मसार: सदर अस्पताल रोड पर कूड़े में मिला नवजात का शव, कुत्तों ने नोच डाला पैर

Vaishali news: वैशाली जिले के हाजीपुर में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया। सदर अस्पताल रोड पर कूड़े के ढेर से एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ, जिसे आवारा कुत्ते नोच रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्ते शव का एक पैर खा चुके थे, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नवजात का गर्भ लगभग पांच महीने का प्रतीत हो रहा था और उसकी नाल भी खुली हुई थी। शव की हालत देखकर यह आशंका गहराती जा रही है कि किसी निजी नर्सिंग होम या मेडिकल व्यक्ति की मदद से अवैध गर्भपात कराकर नवजात को यहां फेंक दिया गया।

लोकलाज के डर में फेंकी गई मासूम जान?

घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। आम चर्चा यही रही कि लोकलाज के भय में किसी ने यह अमानवीय कदम उठाया। हालांकि, अब तक शव को फेंकने वाली महिला की पहचान नहीं हो सकी है।

चश्मदीद और पास में चाय की दुकान चलाने वाले राजा ने बताया कि रोज़ की तरह सुबह एक महिला वहां कचरा फेंकने आती है। उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः उसी महिला ने नवजात के शव को कूड़े में फेंका होगा। राजा के मुताबिक, कुछ ही देर बाद कुत्तों ने शव को नोचना शुरू कर दिया, तभी लोगों की नजर पड़ी।

दो घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के करीब दो घंटे बाद तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने शव को हटाया। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

पहले भी मिल चुका है शव

उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी इसी स्थान पर एक नवजात बच्ची का शव मिला था, लेकिन उस मामले में भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका था। लगातार ऐसी घटनाएं प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों पर सवाल खड़े कर रही हैं।

सामाजिक संगठनों की चुप्पी पर सवाल

इस घटना के बाद एक और पहलू चर्चा में है, मानवता और समाज की आवाज बनने वाले सामाजिक संगठनों की चुप्पी। इलाके में सक्रिय कई संगठनों ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

फिलहाल, पूरा शहर एक ही सवाल पूछ रहा है-क्या एक मासूम की जान इतनी सस्ती हो गई है कि उसे कूड़े के ढेर पर फेंक दिया जाए?
अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि इस अमानवीय कृत्य के दोषी कब और कैसे कानून के शिकंजे में आएंगे।

रिपोटर: हाजीपुर (वैशाली) अभिषेक कुमार