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सीतामढ़ी में 12 वर्षीय बच्चे की हत्या से सनसनी, विपक्ष का सरकार पर हमला; पीड़ित परिवार से मिले राजद MLC

 
सीतामढ़ी में 12 वर्षीय बच्चे की हत्या से सनसनी, विपक्ष का सरकार पर हमला; पीड़ित परिवार से मिले राजद MLC

Sitamarhi News: जिले के चोरौत थाना क्षेत्र के भंटाबारी गांव में 12 वर्षीय मोहम्मद तौफीक की हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। कब्रिस्तान के समीप मासूम का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने के बाद गांव में शोक, आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। इस दर्दनाक घटना ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है, जहां विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद तौफीक शुक्रवार की सुबह घर से दूध लेने के लिए निकला था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के कब्रिस्तान के पास उसका शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में भारी भीड़ जुट गई और लोगों में आक्रोश फैल गया।

घटना के बाद स्थानीय लोग दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के निर्देश पर राजद एमएलसी कारी शोहेब पीड़ित परिवार से मिलने भंटाबारी गांव पहुंचे। परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

कारी शोहेब ने कहा कि एक मासूम की हत्या कर शव को कब्रिस्तान में फेंक देना अपराधियों के बढ़ते मनोबल का संकेत है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर त्वरित प्राथमिकी दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

राजद नेता ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की संगठित साजिश या भीड़ हिंसा जैसे तत्व सामने आते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने समाज में बढ़ती नफरत और सामाजिक तनाव को लेकर भी चिंता जताई। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इस हत्याकांड ने न केवल सीतामढ़ी, बल्कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और दोषियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।