‘बंटी यादव हत्याकांड’ पर सियासत तेज, तेजस्वी का CM सम्राट पर हमला; कानून-व्यवस्था और पुलिस पर उठाए सवाल
Bihar news: पटना जंक्शन के पास से अगवा किए गए कारोबारी बंटी यादव की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देने का काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर सरकार अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई करती, तो बंटी यादव की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बेगुनाहों पर कार्रवाई करने में सक्रिय दिखती है, लेकिन शराब माफिया, देह व्यापार चलाने वाले गिरोह और संगठित अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
सेक्स रैकेट का विरोध करने पर हत्या का आरोप
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बंटी यादव पटना के करबिगहिया इलाके में कथित तौर पर चल रहे देह व्यापार और अन्य अवैध गतिविधियों का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप है कि इसी वजह से 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन के पास से उनका अपहरण किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
राजद नेता ने यह भी कहा कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उनके अनुसार, इसके बाद पुलिस ने अथमलगोला इलाके से बंटी यादव का शव बरामद होने की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को मामले की जानकारी पहले से थी, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई।
मुख्यमंत्री और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई सवाल पूछते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गड्ढे से मिला था कारोबारी का शव
गौरतलब है कि 6 जुलाई की रात लापता हुए बंटी यादव का शव 11 जुलाई को पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन के किनारे करजान गांव के पास एक गड्ढे से बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, शव को मिट्टी में दबाकर छिपाने की कोशिश की गई थी। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अपहरण की सूचना देने के बाद भी पुलिस ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन जांच की रफ्तार धीमी रही। परिवार का दावा है कि यदि पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, तो बंटी यादव की जान बचाई जा सकती थी।
बंटी यादव पटना जंक्शन के पास फास्ट फूड की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, जबकि इस हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष लगातार सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।







