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11 साल से जेल में बंद आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कहा- अपील में देरी हो तो सजा स्थगन का बनता है आधार

 
11 साल से जेल में बंद आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कहा- अपील में देरी हो तो सजा स्थगन का बनता है आधार
Newshaat Desk: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर कोई आरोपी लंबे समय से जेल में बंद है और उसकी अपील पर जल्द सुनवाई होने की संभावना नहीं है, तो उसे सजा स्थगन (Suspension of Sentence) और जमानत दी जा सकती है।

यह फैसला रवेंद्र @ रविंद्र सिंह बुंदेला बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में आया। न्यायमूर्ति मनोज मिस्र और मनमोहन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता पिछले 11 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है और उसकी आपराधिक अपील मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने यह भी माना कि निकट भविष्य में अपील की सुनवाई होने की संभावना नहीं दिख रही है।

सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता ब्रजेश वर्मा ने दलील दी कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ अपील लंबित होने के कारण अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता, खासकर तब जब वह पहले ही लंबा समय जेल में बिता चुका हो।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आरोपी सजा स्थगन का हकदार है। इसके साथ ही कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सजा स्थगन की मांग खारिज की गई थी।

अदालत ने आरोपी को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय शर्तों के आधार पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया।

यह फैसला उन मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां आरोपी वर्षों तक अपील लंबित रहने के कारण जेल में बंद रहते हैं।