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गोपालगंज में हाई-प्रोफाइल जमीनी विवाद मामले में जदयू विधायक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक, 7 मई को अगली सुनवाई

 
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Gopalganj News: बिहार के गोपालगंज जिले में कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी से जुड़े जमीनी विवाद मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। गोपालगंज व्यवहार न्यायालय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद संबंधित पक्ष को अस्थायी राहत मिली है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को निर्धारित की गई है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला एक भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसको लेकर पुलिस कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि बचाव पक्ष ने अदालत में यह दलील दी कि पूरा मामला मूल रूप से दीवानी प्रकृति का है, न कि आपराधिक। बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा तथा पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष विस्तृत तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस प्रकरण को अनावश्यक रूप से आपराधिक स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है, जबकि उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह एक दीवानी विवाद का मामला है। 

अधिवक्ता मनन मिश्रा ने अदालत को बताया कि इस मामले में कोई ठोस आपराधिक आधार नहीं बनता है और इसे लेकर गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई उचित नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक द्वेष या गलतफहमी के कारण इस विवाद को आपराधिक रंग देने का प्रयास किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक पुलिस किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करेगी। 

न्यायालय द्वारा दिए गए इस अंतरिम आदेश को कानूनी प्रक्रिया के तहत एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले में अदालत ने 7 मई को अगली सुनवाई की तिथि तय की है। इस दौरान अभियोजन पक्ष के सामने यह चुनौती होगी कि वह अदालत के समक्ष यह साबित करे कि विवाद में वास्तव में कोई आपराधिक तत्व मौजूद है। वहीं बचाव पक्ष को अपने दीवानी विवाद संबंधी तर्कों को और अधिक मजबूत करने का अवसर मिलेगा। गोपालगंज की स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। 

जदयू विधायक पप्पू पांडेय से जुड़ा यह मामला पहले ही जिले के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है, और अब अदालत के इस आदेश के बाद इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने भी इस प्रकरण को हाई-प्रोफाइल बना दिया है। अदालत में हुई लंबी सुनवाई के बाद दिए गए इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता मनन मिश्रा ने कहा कि न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद गैर-बलपूर्वक कार्रवाई का निर्देश दिया है। 

उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई तक पुलिस को गिरफ्तारी से रोका गया है और उम्मीद जताई कि आगामी तारीख पर सभी आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसके बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होगी। फिलहाल अदालत से मिली राहत के बाद विधायक पप्पू पांडेय और राहुल तिवारी के पक्ष में संतोष का माहौल है। अब सभी की निगाहें 7 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति को स्पष्ट करेगी और यह तय होगा कि मामला दीवानी दायरे में रहेगा या इसमें आपराधिक पहलू भी स्थापित होता है।