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समस्तीपुर में नदी में डूबने से तीन सगे भाइयों की मौत, खुशी का माहौल मातम में बदला

 
समस्तीपुर में नदी में डूबने से तीन सगे भाइयों की मौत, खुशी का माहौल मातम में बदला
Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां नदी में डूबने से तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। घटना शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के बोरज गांव की है, जहां सोमवार को करेह नदी में स्नान के दौरान यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान आदित्य (17), हर्षित (15) और कार्तिक (13) के रूप में की गई है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों भाई अपने पिता सुदर्शन कुमार झा के साथ बरियाही घाट पर नहाने गए थे। इसी दौरान एक भाई अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी दोनों भाइयों ने भी बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण वे भी खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते तीनों पानी में समा गए। इस पूरी घटना को पिता सुदर्शन कुमार झा ने अपनी आंखों के सामने होते देखा। उन्होंने अपने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे असहाय साबित हुए। बच्चों को डूबता देख उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। 

सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद पहले दो भाइयों, आदित्य और हर्षित को नदी से बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सबसे छोटे भाई कार्तिक का शव करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से बरामद किया गया। 

बताया जा रहा है कि सुदर्शन कुमार झा दिल्ली में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं और उनके तीनों बेटे भी वहीं पढ़ाई कर रहे थे। परिवार हर साल की तरह इस बार भी रामनवमी का पर्व मनाने अपने पैतृक गांव बोरज आया हुआ था। सुदर्शन के पिता गांव के हनुमान मंदिर के पुजारी हैं और सोमवार को ही मंदिर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। इस धार्मिक आयोजन के कुछ ही घंटों बाद यह दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। तीनों भाइयों की एक साथ मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। 

गांव में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी या अन्य जल स्रोतों में स्नान करते समय सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले गहरे पानी में जाने से रोकें। साथ ही ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया गया है। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि जल स्रोतों के पास सुरक्षा उपायों का पालन करना कितना जरूरी है।