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16 वर्षों का लंबा इंतज़ार खत्म: पलामू की एशिया प्रसिद्ध राजहरा कोलियरी से फिर शुरू हुआ कोयला उत्पादन, रोजगार की जगी उम्मीद...

Palamu: कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने जनवरी में आधिकारिक तौर पर कोयला उत्पादन शुरू करने का उद्घाटन किया था. अब कोलियरी से उत्पादन कार्य शुरू हो गया है. राजहरा में 4.9 मिलियन टन कोयला का भंडार है, जो जी 9 की श्रेणी का है. राजहरा का कोयला पूरे विश्व में चर्चित रहा है. 2027 तक राजहरा से कोयला का उत्पादन होना है.
 
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Palamu: एशिया की चर्चित राजहरा कोलियरी से करीब 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर कोयला उत्पादन शुरू हो गया है. वर्षों से बंद पड़ी इस कोलियरी के दोबारा चालू होने से न सिर्फ स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं.

कोयला उत्पादन शुरू होते ही आसपास के गांवों में उत्साह देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों ने इसे ऐतिहासिक पल बताया. लोगों का कहना है कि कोलियरी के बंद रहने से इलाके में बेरोजगारी बढ़ गई थी और युवाओं को पलायन करना पड़ रहा था. अब उत्पादन शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

स्थानीय लोगों ने जताई खुशी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजहरा कोलियरी पलामू की पहचान रही है. इसके बंद होने से व्यापार, परिवहन और मजदूरी से जुड़े सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे. अब दोबारा कोयला उत्पादन शुरू होने से होटल, दुकानें, ट्रांसपोर्ट और अन्य छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा.

कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने जनवरी में आधिकारिक तौर पर कोयला उत्पादन शुरू करने का उद्घाटन किया था. अब कोलियरी से उत्पादन कार्य शुरू हो गया है. राजहरा में 4.9 मिलियन टन कोयला का भंडार है, जो जी 9 की श्रेणी का है. राजहरा का कोयला पूरे विश्व में चर्चित रहा है. 2027 तक राजहरा से कोयला का उत्पादन होना है.

दरअसल, राजहरा देश के सबसे पुराने कोयला खदानों में से एक है. 1842 में राजहरा से कोयला का उत्पादन शुरू हुआ था और 1991 तक भूमिगत खदान के आधार पर कोलियरी का संचालन हो रहा था. 1991 से ओपन कास्ट माइनिंग की शुरुआत हुई थी. डायरेक्टर जेनरल माइंस एंड सेफ्टी के गाइडलाइन के आधार पर 2010 में कोलियरी से उत्पादन कार्य को बंद कर दिया गया था. राजहरा से एक बार फिर से अब कोयला का उत्पादन शुरू हो गया है. उत्पादन शुरू होने के साथ इलाके में रौनक लौट रही है और लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का बड़ा जरिया बनेगी.

इस संबंध में मजदूर नेता राकेश सिंह ने बताया कि कोलियरी खुल जाने से इलाके के लोगों को काफी फायदा होगा. लोगों को रोजगार मिलेगा और इलाके में रौनक वापस लौटेगी. राजहरा में कोयला उत्पादन शुरू होने से इलाके के लोग बेहद ही खुश हैं. वहीं स्थानीय विकास कुमार चौहान ने बताया कि कोलियरी से एक बार फिर उत्पादन शुरू होने से बेहद खुशी हो रही है. स्थानीय मजदूरों को काम मिले और उनसे काम लिया जाए.