झारखंड में 25 हजार राशन दुकानदारों का सरकार को अल्टीमेटम, त्योहार से पहले कमीशन नहीं मिला तो आंदोलन
Ranchi, Jharkhand: झारखंड में राशन दुकानदारों और सरकार के बीच कमीशन भुगतान को लेकर विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजधानी रांची के अशोक नगर में शनिवार को फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन की राज्यस्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए राशन दुकानदारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के सामने नाराजगी जताई।
बैठक में दुकानदारों ने साफ कहा कि अगर त्योहार से पहले बकाया कमीशन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। वहीं बैठक में मौजूद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दुकानदारों को उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
25 हजार दुकानदारों का कमीशन बकाया
एसोसिएशन के मुताबिक राज्य में करीब 25 हजार पीडीएस दुकानदार हैं और बड़ी संख्या में दुकानदारों का पिछले करीब एक साल से कमीशन लंबित है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 के भी कुछ महीनों का भुगतान बाकी बताया गया है।
दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान अटका होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहार से पहले बकाया राशि का भुगतान उनकी प्रमुख मांग बन गई है।
तीन महीने के भुगतान के फैसले से नाराजगी
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन भैया जी ने कहा कि विभागीय मंत्री की ओर से कमीशन भुगतान की घोषणा की गई थी, लेकिन करीब 12 महीने के बकाये में से फिलहाल सिर्फ तीन महीने का कमीशन देने की बात सामने आई है।
एसोसिएशन का कहना है कि पहले से ही वर्ष 2024-25 के कुछ महीनों का भुगतान लंबित है। ऐसे में दुकानदार पूरे बकाये के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
कमीशन बढ़ाने की भी मांग
राशन दुकानदारों ने सिर्फ बकाया राशि के भुगतान की मांग नहीं की है, बल्कि कमीशन की दर बढ़ाने की भी मांग रखी है।
एसोसिएशन के मुताबिक फिलहाल दुकानदारों को 1.50 रुपये प्रति किलो की दर से कमीशन मिलता है। संगठन चाहता है कि इसे बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलो किया जाए।
दुकानदारों का तर्क है कि मौजूदा कमीशन में दुकान चलाने और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
सर्वर की समस्या से लाभुक परेशान
बैठक में राशन वितरण के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन का कहना है कि राज्य में करीब 2 करोड़ 75 लाख लाभुक पीडीएस व्यवस्था से जुड़े हैं, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण कई बार लाभुकों को बिना राशन लिए ही वापस लौटना पड़ता है।
राशन दुकानदारों ने मांग की कि सरकारी पीडीएस दुकानों के लिए अलग सर्वर व्यवस्था की जाए, ताकि तकनीकी दिक्कतों के कारण लाभुकों को परेशानी न हो।
ग्रेन एटीएम को लेकर भी विरोध
बैठक में ग्रेन एटीएम का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। संगठन के प्रदेश प्रधान महामंत्री ज्ञानदेव झा ने कहा कि सरकार की ओर से ग्रेन एटीएम लगाने की कवायद की जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि अगर राशन वितरण की व्यवस्था ग्रेन एटीएम के जरिए होने लगी तो राज्य की करीब 25 हजार सरकारी राशन दुकानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
ज्ञानदेव झा ने कहा कि सरकार को यह भी देखना चाहिए कि इन दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका कैसे चलेगी।
वित्त मंत्री ने दिया मांगों पर बात का भरोसा
राज्यस्तरीय बैठक में शामिल वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राशन दुकानदारों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सरकार के सामने रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह इस विषय को विभागीय मंत्री इरफान अंसारी के समक्ष भी उठाएंगे। जरूरत पड़ने पर मामले को कैबिनेट की बैठक में भी चर्चा के लिए रखा जा सकता है।
आंदोलन या कोर्ट का रास्ता अपनाने की चेतावनी
राशन दुकानदारों ने स्पष्ट किया है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ने पर दुकानदार न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। फिलहाल दुकानदारों की नजर सरकार के अगले कदम और बकाया कमीशन के भुगतान पर है।







