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25 हजार शिक्षकों को TET से छूट? CM के सामने उठेगा मामला, कैबिनेट में बड़ा फैसला!

Ranchi:  झारखंड के करीब 25 हजार शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग का मामला अब राज्य सरकार के स्तर पर उठाया जाएगा. इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और कैबिनेट में भी चर्चा की संभावना है. शिक्षकों को उम्मीद है कि सरकार इस मामले पर विचार करते हुए उन्हें राहत दे सकती है. अब सभी की नजर कैबिनेट के फैसले पर टिकी है.
 
JHARKHAND

Ranchi:  झारखंड में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से छूट दिलाने का मामला फिर सामने आया है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग पर राज्य सरकार ने इस दिशा में आवश्यक पहल का भरोसा दिया है। संघ का दावा है कि राज्य में करीब 25 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति आरटीई अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले हुई थी।

झारखंड:25 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट, टीईटी के खिलाफ 22 अक्टूबर से अनशन  - Jharkhand Teachers Tet Requirement 25 Thousand Teachers Hunger Strike  Ranchi October 22 - Amar Ujala Hindi News Live

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा कि ऐसे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए सरकार आवश्यक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को विचार और आगे की कार्रवाई के लिए भेजने की दिशा में सरकार तत्पर रहेगी।

25 हजार शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी और महासचिव राममूर्ति ठाकुर के नेतृत्व में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद तथा कल्याण मंत्री चमरा लिंडा से मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत करीब 25 हजार शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट देने की मांग रखी। संघ ने कहा कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के संबंध में सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए।

शिक्षक संघ ने अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड विधानसभा से भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की।

मंत्री ने विधानसभा से प्रस्ताव भेजने का दिया भरोसा

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षकों के हित में आवश्यक पहल करेगी। उन्होंने कहा कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को भेजने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर होने की बात कही गई है।

कैबिनेट में मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा मामला

वहीं, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने भी शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस विषय को कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष विचारार्थ रखेंगे। इससे शिक्षकों को इस मामले में सरकार की ओर से आगे की पहल की उम्मीद जगी है।

संघ का कहना है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा हित से जुड़े TET के मुद्दे पर सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में ये शिक्षक नेता रहे शामिल

मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, संगठन महामंत्री असदुल्लाह, रांची जिला अध्यक्ष सलीम सहाय तिग्गा, बोकारो महासचिव राजेश कुमार सिन्हा, असगर अली, विजय मुंडा, मिसवाहुल समेत अन्य शिक्षक नेता शामिल रहे।

अब इस मामले को कैबिनेट के समक्ष रखे जाने और विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर शिक्षकों की नजर है।