खेलते-खेलते रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे 3 नाबालिग! RPF की ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम ने किया रेस्क्यू
Ranchi: राजधानी रांची रेलवे स्टेशन पर नियमित चेकिंग और गश्त के दौरान RPF की ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम ने तीन नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। तीनों बच्चे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 पर इधर-उधर घूमते हुए मिले थे। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे खेलते-खेलते अनजाने में रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे।
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RPF की टीम ने बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल अपने संरक्षण में लिया। आवश्यक जानकारी जुटाने और काउंसलिंग के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों बच्चों को आगे की देखभाल के लिए चाइल्डलाइन रांची के सदस्य को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया।
प्लेटफॉर्म पर घूमते मिले तीनों बच्चे
जानकारी के अनुसार, पोस्ट कमांडर, RPF रांची के पर्यवेक्षण में मंडलीय ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम और RPF पोस्ट रांची के अधिकारी एवं बल सदस्य स्टेशन पर नियमित चेकिंग और गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान टीम की नजर प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 पर घूम रहे तीन बच्चों पर पड़ी। बच्चों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर RPF कर्मियों ने उनसे बातचीत कर पूछताछ की।
पूछताछ में बच्चों की पहचान अभिषेक महली (12), मनोज एक्का (13) और सिबलाल कुमार (13) के रूप में हुई। तीनों रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र के हिनू स्थित पोखरतॉली के रहने वाले बताए गए।
खेलते-खेलते अनजाने में पहुंचे स्टेशन
बच्चों से उनके घर से निकलने और रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के संबंध में जानकारी ली गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे खेलते-खेलते अनजाने में स्टेशन पहुंच गए थे।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए RPF की ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम ने तीनों को तत्काल अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद उनकी आवश्यक जानकारी जुटाई गई और बच्चों की काउंसलिंग भी कराई गई।
चाइल्डलाइन को सौंपे गए बच्चे
RPF टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों नाबालिगों को आगे की देखभाल और आवश्यक कार्रवाई के लिए चाइल्डलाइन, रांची के सदस्य को सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया।
बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘नन्हे फरिश्ते’ पहल
RPF की ‘नन्हे फरिश्ते’ पहल का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जो किसी कारण से अपने परिवार से अलग हो गए हों या बिना अभिभावक के यात्रा अथवा स्टेशन परिसर में पाए जाएं।
रांची रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई में RPF टीम ने समय रहते तीनों बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया और आगे की देखभाल के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया। RPF की सतर्कता से बच्चों को सुरक्षित संरक्षण मिल सका।







