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छात्र आंदोलन में नया मोड़, देवेंद्र महतो ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, 'सरकार से अब बातचीत नहीं...'

JPSC Protest: विधानसभा मार्च में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अब सरकार से कोई और बातचीत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि तीन दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है. अब सरकार को छात्रों की मांगों पर फैसला लेना होगा.
 
RANCHI

JPSC Protest: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। आंदोलन के 17वें दिन सोमवार को हजारों छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च करने निकले। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर टकराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा सरकार से अब नहीं होगी कोई बात (Photo: PTI)

'अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी'

विधानसभा मार्च में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अब सरकार से कोई और बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीन दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अब सरकार को छात्रों की मांगों पर फैसला लेना होगा।

देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन अब सिर्फ कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

9 दिन से भूख हड़ताल, एंबुलेंस से पहुंचे देवेंद्र महतो

देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद वह विधानसभा मार्च में शामिल होने पहुंचे। उन्हें एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल तक लाया गया और वह स्ट्रेचर पर लेटकर मार्च में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को अब ठोस निर्णय लेना होगा। उनके मुताबिक, लगातार बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकलने के बाद छात्रों के पास आंदोलन जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ते रहे छात्र

पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई।

स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बीच कई छात्र सड़क पर बैठ गए और विरोध जारी रखा।

'बिरसा मुंडा के वंशज हैं, लड़ाई पीछे नहीं खींचेंगे'

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। एक छात्र ने कहा, "हम भगवान बिरसा मुंडा के वंशज हैं। जब वे झारखंड के हक के लिए लड़ सकते हैं, तो हम भी अपनी लड़ाई पीछे नहीं खींचेंगे।"

एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि वे इसी मिट्टी में पले-बढ़े हैं और झारखंड के अधिकारों की लड़ाई से जुड़े रहे हैं, लेकिन आज विद्यार्थियों के हक की बात नहीं सुनी जा रही है।

सहायक शिक्षक अभ्यर्थी ने भी बताई अपनी परेशानी

आंदोलन में शामिल एक अभ्यर्थी ने सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अपनी परेशानी साझा की। उसने बताया कि उसने सहायक शिक्षक भर्ती की चारों परीक्षाएं पास की हैं। JSSC कार्यालय में उसके दस्तावेजों का सत्यापन भी पूरा हो चुका है और दस्तावेज सही पाए जाने के बाद उसे दूसरे जिले में भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक ज्वाइनिंग नहीं दी गई।

छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों, लंबित नियुक्तियों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सरकार को स्पष्ट और ठोस निर्णय लेना चाहिए।

आंदोलन के आगे बढ़ने से बढ़ी प्रशासन की चुनौती

विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों की बड़ी संख्या और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश से प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध फिलहाल बरकरार है।