खूंटी में ACB की बड़ी कार्रवाई: महिला थाना प्रभारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Khunti: झारखंड के खूंटी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला थाना प्रभारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी पर एक मामले में राहत देने के बदले कुल ₹4.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप था. शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाया और ₹50 हजार की पहली किस्त लेते समय उन्हें पकड़ लिया.
ACB अधिकारियों ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी थाना प्रभारी से पूछताछ शुरू कर दी है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. इसके साथ ही उनके आवास और अन्य ठिकानों की भी जांच की जा रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके.
उन्हें महिला थाने में ही 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल

एसीबी के अनुसार, खूंटी के हुरलुंग निवासी श्याम कुमार ने ब्यूरो से शिकायत की थी कि उनके खिलाफ अहर्ता थाना कांड संख्या-06/2025 दर्ज है. इस मामले की जांच के दौरान महिला थाना प्रभारी सपना सुलेखा ने केस में राहत दिलाने और जांच में सहयोग करने के बदले रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.
साढ़े चार लाख रुपये की हुई थी मांग

परिवादी के अनुसार, थाना प्रभारी ने मामले में राहत देने के एवज में 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने पर सहमति बनी. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद ब्यूरो ने पूरी योजना के साथ ट्रैप की तैयारी शुरू की.
सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप

शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने रांची थाना कांड संख्या-15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 दर्ज किया. इसके बाद विशेष ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई. गुरुवार को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किस्त लेकर पहुंचा. जैसे ही थाना प्रभारी ने 50 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ लेकर गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी रिश्वत से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या संलिप्तता तो नहीं है.
एसीबी ने आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया है. इस धारा के तहत किसी लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ या रिश्वत मांगना अथवा स्वीकार करना दंडनीय अपराध है. जांच पूरी होने के बाद आरोपी को सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा.







