इलाज में लापरवाही का आरोप: बोकारो में नवजात की मौत से भड़के परिजन, डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप...
Bokaro: चास थाना क्षेत्र स्थित केएमएम मेमोरियल अस्पताल में एक नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है. मौके पर चास थाना पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.

क्या है मामला
3 अप्रैल को चास निवासी मिराज अंसारी की पत्नी को डिलीवरी के लिए केएमएम मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से नवजात शिशु का जन्म हुआ. परिजनों का दावा है कि बच्चा जन्म के समय पूरी तरह स्वस्थ और ठीक-ठाक था. रात में बच्चे की तबीयत थोड़ी खराब होने पर डॉक्टरों ने इंजेक्शन प्रेस्क्राइब किया. परिजनों के अनुसार, बच्चा खेलते-खेलते सो गया था. सुबह करीब 7 बजे नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई. अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर को बुलाया, लेकिन नवजात शिशु की मौत हो गई.
परिजनों का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चा पहले पूरी तरह ठीक था. जैसे ही सोते हुए बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया, उसकी मौत हो गई. उन्होंने अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंजेक्शन के कारण ही यह घटना हुई. मौत के बाद अस्पताल में परिजनों की भारी भीड़ जुट गई और हंगामा शुरू हो गया.
डॉक्टर का बयान
इस मामले को और गंभीर बनाने वाला डॉक्टर का बयान सामने आया. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इमरान असगर ने कहा कि बच्चे की मौत मां का दूध पीने के दौरान सरकने (दूध की नली में चले जाने) से हुई होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा.
सिविल सर्जन का बयान
सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान है. अगर दूध सरकने से मौत होती तो बच्चे का चेहरा नीला पड़ जाता, जिसकी कोई चर्चा नहीं की गई. उन्होंने भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही.
क्या है वर्तमान स्थिति
अस्पताल प्रबंधन, समाजसेवियों और डॉक्टरों के बीच काफी जद्दोजहद के बाद वार्ता हुई, जो हंगामेदार रही. पुलिस मौके पर मौजूद रही. फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा. मामले की जांच जारी है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.







