घाटशिला उपचुनाव के जीतने के बाद JMM ने बाबूलाल मरांडी पर तंज कसते हुए कहा, अपशकुन कह चिढ़ाते थे. रोज कहते थे -उनके रहते बीजेपी जीत ही नहीं सकती...
Jharkhand Desk: रोज कहते थे -उनके रहते बीजेपी जीत ही नहीं सकती. आज वही तीर घूम कर बाबूलाल जी पर गिरा है, क्योंकि सच्चाई यह है कि बाबूलाल जी, दीपक प्रकाश जी को हारों का रिकॉर्ड तोड़कर ही मानेंगे .
Nov 15, 2025, 15:07 IST
Jharkhand Desk: घाटशिला उपचुनाव के परिणाम के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर तेज हमला बोला है. सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि --बाबूलाल जी के ही शब्दों को घाटशिला ने उनके सामने सच कर दिया. खैर ---जो बाबूलाल जी और उनकी टोली कभी दीपक प्रकाश जी को अपशकुन कह चिढ़ाते थे. रोज कहते थे -उनके रहते बीजेपी जीत ही नहीं सकती. आज वही तीर घूम कर बाबूलाल जी पर गिरा है, क्योंकि सच्चाई यह है कि बाबूलाल जी, दीपक प्रकाश जी को हारों का रिकॉर्ड तोड़कर ही मानेंगे . आज कहीं दूर अपने ख्यालों में डूबे दीपक जी मन ही मन मुस्करा जरूर रहे होंगे.
झामुमो ने एक बाबूलाल मरांडी का पुराना ट्वीट भी डाला है
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बाबूलाल मरांडी का एक पुराना ट्वीट भी डाला है. बता दें कि घाटशिला उपचुनाव में झामुमो के प्रत्याशी सोमेश सोरेन ने भारी अंतर से जीत दर्ज की है. सोमेश सोरेन अपने पिता को भी वोट के मामले में पीछे छोड़ दिया है. बता दे कि झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन को 1,04,794 वोट प्राप्त हुए हैं, जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन को केवल 66,270 मत मिले है. जेएलकेएम के रामदास मुर्मू को 11,542 वोट मिले है. यह सीट झामुमो के लिए भी प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थी, तो भाजपा के लिए तो थी ही.
बाबूलाल जी के ही शब्दों को घाटशिला ने उनके सामने सच कर दिया।
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) November 14, 2025
खैर…
जो बाबूलाल जी और उनकी टोली कभी दीपक प्रकाश जी को “अपशकुन” कहकर चिढ़ाते थे,
जो रोज़ कहते थे— “इनके रहते भाजपा जीत ही नहीं सकती”…
आज वही तीर घूमकर बाबूलाल जी पर आ गिरा है।
क्योंकि सच्चाई यह है कि - बाबूलाल जी… pic.twitter.com/kVt9OgmbR6
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के लिए यह हार आगे भारी पड़ सकती है
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के लिए यह हार आगे भारी पड़ सकती है. चंपई सोरेन ने अपने बेटे बाबूलाल सोरेन को 2024 में भी घाटशिला से टिकट दिलवाने में सफल रहे थे और 2025 के उप चुनाव में भी. लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनका पुत्र उपचुनाव हार गए. वैसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनावी सभा में कह दिया था कि घाटशिला की जनता तो सोमेश चंद्र सोरेन को भारी मतों से जीता कर श्रद्धांजलि देगी और वैसा ही हुआ. उन्होंने यह भी कहा था कि जीत तो पक्की है, अंतर को बढ़ाने की जरूरत है. जिसमे भी झामुमो भी सफल रहा.







