कौन संभालेगा झारखंड के नए मुख्य सचिव की कुर्सी, 30 सितंबर को अलका तिवारी हो रहीं रिटायर
Jharkhand Desk: झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रही हैं. ऐसे में प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि राज्य का अगला मुख्य सचिव कौन होगा. अलका तिवारी 1988 बैच की आइएएस अफसर हैं. इनके बाद वरीयता सूची में सबसे ऊपर शैलेश कुमार सिंह हैं. वह वर्ष 1991 बैच के आइएएस अफसर हैं. वह अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव के पद पर हैं. उनके बाद निधि खरे, फिर अविनाश कुमार हैं. निधि खरे वर्ष 1992 बैच की आइएएस अफसर हैं. फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं.

यहां मालूम हो कि अलका तिवारी मुख्य सचिव के पद से 30 सितंबर को रिटायर हो रही हैं. आज शुक्रवार को उनका अंतिम कार्य दिवस है. वैसे वह 30 सितंबर तक आधिकारिक रूप से राज्य की मुख्य सचिव रहेंगी. इस तरह वह 26 से 30 सितंबर की रात 12 बजे तक राज्य की मुख्य सचिव बनी रहेंगी लेकिन 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य सरकार के सचिवालयों में शनिवार, रविवार के अलावा दुर्गा पूजा व गांधी जयंती की छुट्टी है.
इधर सूत्रों के अनुसार अलका तिवारी को सेवा विस्तार मिलने की संभावना नहीं है. राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार से अभी तक अलका तिवारी को सेवा विस्तार दिए जाने का आग्रह नहीं किया गया है. इस कारण अब किसी नये मुख्य सचिव की ही संभावना अधिक बतायी जा रही है. मुख्य सचिव रैंक के अधिकारी शैलेश कुमार सिंह को अभी भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह बहुत इंटरेस्टेड नहीं बताए जा रहे हैं. इस स्थिति में मुख्य सचिव रैंक में झारखंड में कार्यरत दो आईएएस अधिकारियों में किसी पर विचार किया जा सकता है.
ये अधिकारी हैं अविनाश कुमार और अजय कुमार सिंह. मुख्य सचिव रैंक के तीसरे अधिकारी नितिन मदन कुलकर्णी को सीएस बनाए जाने की संभावना बिल्कुल नहीं है. वह सरकार के गुड फेथ के अधिकारी नहीं माने जाते हैं. इसी कारण वर्षों से वह राजभवन में ही पदस्थापित हैं.
वैसे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर शैलेश कुमार सिंह के अलावा दो और भी आईएएस अधिकारी मुख्य सचिव रैंक में हैं. निधि खरे और सत्येंद्र कुमार सिंह. लेकिन इन दोनों अधिकारियों के बारे में सरकार के शीर्ष स्तर पर सोच सीमित है. ब्यूरोक्रेसी में इस बात की भी चर्चा हो रही है कि अविनाश कुमार को ही मुख्य सचिव रैंक का प्रभार दिया जा सकता है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है.







