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CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में अनियमितता का आरोप, रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने Rahul Gandhi से मिलकर उठाई जांच की मांग

Jharkhand: सार्थक सिद्धांत ने बताया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में तकनीकी खामियां और मानवीय लापरवाही सामने आ रही हैं, जिससे कई छात्रों के अंकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है. उनका आरोप है कि कुछ विषयों में उत्तरों का सही तरीके से मूल्यांकन...
 
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Jharkhand: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( CBSE ) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची के छात्र सार्थक सिद्धांत ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से मुलाकात की. इस दौरान छात्र ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए और अपनी शिकायतों से उन्हें अवगत कराया.

सार्थक सिद्धांत ने बताया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में तकनीकी खामियां और मानवीय लापरवाही सामने आ रही हैं, जिससे कई छात्रों के अंकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है. उनका आरोप है कि कुछ विषयों में उत्तरों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं हुआ, जबकि पुनर्मूल्यांकन या शिकायत निवारण की प्रक्रिया भी जटिल और अस्पष्ट है.

मंगलवार को सार्थक ने संसद भवन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सीबीएसई की टेंडर प्रक्रिया में बरती गई कथित गड़बड़ियों पर जानकारी दी. 

संसदीय समिति के सामने बात रखने का मिला मौका 
सार्थक को संसद की एक महत्वपूर्ण समिति के समक्ष भी अपनी बात रखने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था. 17 वर्षीय सार्थक ने इसी वर्ष सीबीएसई से 12वीं की परीक्षा दी है. परीक्षा परिणाम के बाद जब उन्होंने अपनी स्कैन आंसर शीट देखी, तो उन्हें मार्किंग प्रक्रिया में गड़बड़ियों का संदेह हुआ. इसके बाद उन्होंने सीबीएसई के सार्वजनिक टेंडर डॉक्यूमेंट्स का गहन अध्ययन शुरू किया. 

नियमों में बदलाव कर लाभ पहुंचाने का आरोप 
सार्थक का गंभीर आरोप है कि सीबीएसई के टेंडर नियमों में बदलाव कर किसी खास सर्विस प्रोवाइडर, कोएम्प्ट एडुटेक को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है. उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2025 में जारी पहले टेंडर में टीसीएस और कोएम्प्ट एडुटेक शामिल थे, लेकिन बाद में टेंडर को हटाकर नियमों में बदलाव किए गए. सार्थक के अनुसार, ब्लैकलिस्टिंग और टर्नओवर जैसे पात्रता मानदंडों को इस प्रकार से संशोधित किया गया ताकि कोएम्प्ट एडुटेक आसानी से योग्य हो सके. 

ब्लॉग के माध्यम से सार्वजनिक किए तथ्य  
सार्थक ने अपने शोध और दस्तावेजों के आधार पर एक ब्लॉग के माध्यम से इन खामियों को सार्वजनिक किया था. एक छात्र द्वारा शिक्षा बोर्ड के टेंडर प्रक्रिया में इतनी बड़ी विसंगतियों को ढूंढ निकालने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.