दृढ़, तेजी और कड़क मिजाज के साथ साथ विवादों से भी है इनका गहरा नाता, बावजूद इसके हेमंत सोरेन का पूरा भरोसा, जानिए कौन है नये मुख्य सचिव अविनाश कुमार
Jharkhand Desk: 1993 बैच के आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार झारखंड के नए मुख्य सचिव होंगे. मंगलवार 30 सितंबर को मुख्य सचिव अलका तिवारी के सेवानिवृत होने के बाद उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी गई है. कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी.

हेमंत सरकार का यह कदम झारखंड में प्रशासनिक स्थिरता और बेहतर गवर्नेंस की अपेक्षाओं के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार ने अविनाश कुमार पर भरोसा जताया है, क्योंकि वे पहले से ही उनके अपर मुख्य सचिव थे. उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि और ऊर्जा क्षेत्र का अनुभव राज्य की बिजली समस्याओं से निपटने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.
अविनाश कुमार को कड़क मिजाज वाला अधिकारी माना जाता है जो तेजी और दृढ़ता से फैसले लेते हैं. उनकी कार्यकुशलता, निर्णय लेने की तेज गति और राजनीतिक समझ उन्हें हेमंत सोरेन का एक विश्वासपात्र अधिकारी बनाया है. मुख्य सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति इस तरह की गई है कि वे दिल्ली और राज्य स्तर पर तालमेल कर सकें, जिससे प्रशासन में सुधार की उम्मीद की जा रही है.

झारखंड कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार ने ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और झारखंड ऊर्जा विकास कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में काम किया है. प्रशासन में उन्होंने ग्राहकों, बिजली कंपनियों और सरकारी नियामकों के बीच संतुलन बनाने का अच्छा अनुभव प्राप्त किया है.
हालांकि विवादों का साया भी उनपर रहा है और एक समय उनकी पत्नी को जमीन संबंधी मामले में ED द्वारा समन भेजे जाने की खबरें भी आई थीं. एक समय उन्हें गृह विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई थी, लेकिन बाद में वह पद उनसे हटा लिया गया. साफ है कि कई विवादों से भी घिरे हैं और विपरीत परिस्थितियों का सामना किया है, बावजूद इसके उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
अविनाश कुमार का जन्म बिहार के बधुवा/भगवा (Badhuwa/Baghwa) गांव में हुआ था. उनके पिता अजय कुमार सिंह एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे और बाद में खेती करने लगे. माता प्रतीमा देवी गृहिणी हैं. अविनाश ने अपनी आगे की पढ़ाई जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता से की, जहां उन्होंने Power Engineering में स्नातक किया.







