गर्मी के प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री का निर्देश, बस स्टैंड से अस्पताल तक पेयजल सुविधा सुनिश्चित
Ranchi: राज्य में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी दफ्तरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के कारण लू, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आम जनता, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी है. उन्होंने नगर निकायों, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, थाना प्रभारियों, सीओ, बीडीओ, पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि कार्यालयों के बाहर और सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही वहां स्पष्ट सूचना बोर्ड भी लगाए जाएं, ताकि राहगीरों और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह भी कहा है कि जिन इलाकों में जल संकट की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने और वैकल्पिक जल व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

राहत पहुंचाना पहली प्राथमिकता- सीएम
ग्रामीण इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं. कई जगह जलस्तर नीचे जाने से चापाकल जवाब देने लगे हैं. महिलाएं और बच्चे सुबह से ही पानी भरने के लिए लाइन में लग रहे हैं. कुछ इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा है कि आम लोगों को राहत पहुंचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
गर्मी का सबसे ज्यादा असर रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर दिखाई दे रहा है. दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, सड़क किनारे काम करने वाले श्रमिक और ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी तेज धूप में काम करने को मजबूर हैं. दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो रही है. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है.
झारखंड इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है. पलामू, गढ़वा, चतरा और कोल्हान क्षेत्र के कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है. डालटनगंज जैसे इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार चुका है. राजधानी रांची में भी दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है.







