अंश अंशिका केस से हुआ मानव तस्करों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, अगवा बच्चियों से देह व्यापार और कई तरह के अनैतिक काम कराता था, 12 बच्चों को रांची पुलिस ने बचाया...
Ranchi: रांची पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गिरोह के 16 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. साथ ही साथ 12 बच्चों को भी उनके चंगुल से आजाद करवाया है. मासूम अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद यह रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई है...
Jan 19, 2026, 10:33 IST
Ranchi: पुलिस ने मानव तस्करों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह बच्चों को चुराकर उनसे विभिन्न तरह के अनैतिक कामों को अंजाम दिलवाता था. रांची पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गिरोह के 16 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. साथ ही साथ 12 बच्चों को भी उनके चंगुल से आजाद करवाया है. मासूम अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद यह रांची पुलिस की बड़ी कार्रवाई है.
अंश और अंशिका बने राह
रांची पुलिस ने एक बड़े शातिर बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के पास से एक दर्जन बच्चों को बरामद किया है. साथ ही बच्चों की चोरी करने वाले गिरोह के 16 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि रांची के धुर्वा से अंश, अंशिका के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने रांची समेत अन्य जिलों और राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलायी. जिसमें बच्चा चोर गिरोह का खुलासा हुआ.
इस गिरोह की पहचान गुलगुलिया गैंग के रूप में हुई है. गिरोह पिछले दस वर्षों से बच्चा चोरी करने में लगा हुआ है. गुलगुलिया गैंग कई बच्चों को बेच चुका है. इस गैंग के तार बिहार, ओडिशा, बंगाल और यूपी से जुड़े मिले हैं. एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में पुलिस की स्पेशल टीम लगी हुई है. जल्द ही पुलिस न सिर्फ लापता बच्चों को बरामद करेगी, बल्कि गिरोह में शामिल अन्य को भी गिरफ्तार कर जेल भेजेगी.
एसएसपी ने बताया कि बरामद बच्चों को बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची से चोरी किया गया था. रांची पुलिस बरामद बच्चों के परिजनों की तलाश करेगी. सभी बच्चों को फिलहाल धुर्वा थाना लाया गया है. एसएसपी ने बताया कि इन बच्चों के परिजनों की पहचान के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट भी कराएगी.
एसएसपी ने बताया कि इस गैंग ने अंश-अंशिका का सौदा भी कर लिया था, लेकिन पुलिस की दबिश से यह नहीं हो सका. एसएसपी ने बताया कि यह गैंग बच्चों से भीख मांगने और पॉकेट मारी का काम कराता है, साथ ही चोरी की गई बच्चियों से देह व्यापार कराया जाता है. पुलिस का मानना है कि इस बच्चा चोर गिरोह का तार मानव अंगों के व्यापार से भी जुड़ा हो सकता है. फिलहाल इस एंगल पर भी पुलिस की तफ्तीश जारी है.
विरोधी खेरवार ऊर्फ अनुराग( रामगढ़), अंथोनी खरवार( रामगढ़), प्रमोद कुमार( सिल्ली), आशिक गोप( सिल्ली), राज रवानी( लातेहार), नव खेरवार( पुरुलिया), सोनी कुमारी( रामगढ़), चांदनी देवी( रामगढ़), सीता देवी( लातेहार), दीनू भुइयां( लातेहार), संन्यासी खेरवार ( रामगढ़), मालिन देवी( रामगढ़), बेबी देवी( सिल्ली), सोनिया देवी, उपैइया खेरवार( लातेहार).
बिहार, बंगाल और यूपी से होता है गैंग ऑपरेट
एसएसपी ने बताया कि बच्चा चोर गैंग को बिहार के औरंगाबाद, बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से ऑपरेट किया जाता है. गुलगुलिया गैंग आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को चोरी कर बिहार, बंगाल, ओडिशा और यूपी में बिक्री की जाती है. अब तक दर्जनों बच्चों को बिहार के औरंगाबाद निवासी अशोक सिंह और बाबू साहेब के अलावा बंगाल के सूरज रवानी द्वारा खरीदा जा चुका है. उन बच्चों से चोरी, छिनतई, भीख मंगवाना समेत अन्य कार्य कराया जाता है.
बरामद बच्चों का कराया जाएगा डीएनए टेस्ट
एसएसपी ने बताया कि बरामद बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. जिन गुलगुलिया गिरोह के पास बच्चे बरामद हुए हैं. कई लोग इन्हें अपना बच्चा बता रहे थे. जिस कारण ही बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया गया. पुलिस ने बताया कि छोटे बच्चों का आधार 5 साल गुजरने के बाद बनाया जाता था, जिस कारण बच्चे लीगल तौर पर गुलगुलिया के बच्चे हो जाते थे. जिसके बाद उन्हें फिर बेच दिया जाता था.







